बलिया /वाराणसी। बलिया के चर्चित खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने रविवार को कर्मजीतपुर, सुंदरपुर से सेवानिवृत्त डीडीओ दयाराम विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। दयाराम चंदौली जिले के शहाबगंज का मूल निवासी है। वह बलिया के बांसडीह ब्लॉक में वर्ष 2002 से 2005 तक खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात था। वर्ष 2022 में वह डीडीओ के पद से सुल्तानपुर जिले से सेवानिवृत्त हुआ था।
ईओडब्ल्यू की वाराणसी इकाई के एसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत वर्ष 2002 से 2005 के दौरान बलिया के बांसडीह ब्लॉक के विभिन्न गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। इसके तहत क्षेत्र पंचायत अंश से मिट्टी गिराना, नाली, खड़ंजा, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग, सीसी रोड और पुलिया के निर्माण का काम शामिल था। काम मानक के अनुरूप नहीं किया गया और जांच में अपूर्ण पाया गया था। काम करने वालों मजदूरों को खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया था।
मस्टररोल पर फर्जी अंगूठा लगवाया गया था। दयाराम अपने साथियों के साथ मिलीभगत करके लगभग 27 लाख रुपये का गबन किया था। उसके खिलाफ बलिया के बांसडीह थाने में वर्ष 2006 में धोखाधड़ी व कूटरचना सहित अन्य आरोपों और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दयाराम को इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी हेमंत सिंह और राजकिशोर की टीम ने गिरफ्तार किया है।
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पुलिस को बताए गए पते पर नहीं रहता था
ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि दयाराम सेवानिवृत्त के बाद अपने निवास स्थान का जो पता पुलिस को बताया था, वहां नहीं रहता था। कड़ी मशक्कत के बाद पता लगा कि वह कर्माजीतपुर, सुंदरपुर में मकान बनवा कर रह रहा है। इस आधार पर चितईपुर थाने की फोर्स के साथ छापा मार कर उसे गिरफ्तार किया गया।
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