बलिया। भले ही पिछले पांच दिनों से नगर के 11 वार्डो के रहवासी कूड़े की दुर्गंध के बीच जीने को विवश हैं। बावजूद इसके समाधान करने के नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी के निशाने पर एक बार फिर ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा आ गये हैं। चेयरमैन ने सीधे तौर पर कहा कि सफाई कर्मियों की हड़ताल के लिए अधिशासी अधिकारी जिम्मेदार हैं। उनके कारण ही सफाई कर्मियों के मानदेय भुगतान का मामला लंबित है। हालांकि ईओ ने चेयरमैन के सभी आरोपों को अधारहीन और मनगढ़ंत बताया है।
बता दें कि मानदेय भुगतान को लेकर बुधवार से आर्यनग्रुप के 234 सफाई कर्मी हड़ताल पर है। हड़ताली सफाई कर्मियों का आरोप है कि नगर पालिका के कार्यवाहक अकाउंटेंट राघव मिश्रा द्वारा जानबूझ कर मानदेय लंबित करने के उद्देश्य से बीते 22 दिसंबर को भारतीय स्टेट बैंक का 24 लाख रुपये का चेक आर्यन ग्रुप ऑफ गार्ड सर्विसेज के नाम काटा गया था, जिसका बैंक द्वारा भुगतान नहीं किया और यह कहा गया कि नपा के खाता संख्या 30340865293 में पर्याप्त धनराशि नहीं है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि नपा प्रशासन जानबूझ कर मानदेय को लंबित किए है, जिससे बीते दो माह से मानदेय का भुगतान लंबित है। आर्यन ग्रुप के सफाई कर्मियों द्वारा पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर जाने से नगर के 11 वार्डों में कूड़े का उठान नहीं हुआ और शहर की सड़कों पर चहुंओर कूड़ा पसरा है।
नगर के विशुनीपुर स्थित एक होटल के पास नाले से निकाल कर सड़क पर रखा कचरा सड़क पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले पांच दिन से कूड़ा उठान नहीं होने के बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार भी बेपरवाह नजर आ रहे हैं। हालांकि बीते बृहस्पतिवार को नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने पहल करते हुए सफाई कर्मियों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की थी, लेकिन सफाई कर्मी दो माह के बकाया मानदेय के भुगतान पर अड़े रहे। नपा के चेयरमैन, ईओ और अकॉउटेंट की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन काम नहीं आया। क्योंकि आर्यन ग्रुप के सफाई कर्मी नकदी अथवा चेक के माध्यम से मानदेय के भुगतान की मांग पर अड़े हैं। वहीं, रविवार की देर शाम तक कूड़ा उठान नहीं होने से शहर में चहुंओर गंदगी का आलम रहा। कहीं आवारा मवेशी कचरे फैला रहे थे तो कहीं वाहनों के आवगमन से कूड़ा राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। नगर पालिका प्रशासन के दावे के मुताबिक नगर की साफ-सफाई पर प्रतिमाह करीब पचास लाख रुपये खर्च किया जाता है, जिसमें करीब 22 लाख रुपये तो नपा द्वारा आर्यन ग्रुप को महज 11 वार्डों की सफाई के लिए दिया जाता है। इसके लिए आर्यन ग्रुप ने करीब 234 स्वच्छकारों की तैनाती कर रखी है। जबकि शेष 14 वार्ड की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका लगभग 25 से 29 लाख रुपये व्यय करती है। बावजूद इसके शहर में गंदगी का साम्राज्य है।
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नपा के ईओ जानबूझ कर सफाई कर्मियों को उकसा कर हड़ताल करा दे रहे हैं। ईओ की इस हरकत के खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा जल्द सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
-अजय कुमार समाजसेवी, चेयरमैन, नपा बलिया।
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चेयरमैन का आरोप निराधार व आधारहीन है। अक्सर मेरे नगर से बाहर जाते ही शहर की व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। फिलहाल मैं शहर में आ गया हूं और सफाई कर्मियों की मांगों पर त्वरित कारवाई करते हुए हड़ताल समाप्त कराई जाएगी।
दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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नगर के टाउन हाल बापू भवन के समीप सड़क पर फैला कूड़ा तथा आवागमन करते लोग।- फोटो : BALLIA