बलिया। शहर के पश्चिमी छोर पर बहने वाले कटहल नाले की साफ-सफाई व सुंदरीकरण की योजना धरातल पर उतारने की पहल फिर तेज हो गई है। शासन की सख्ती के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। कटहलनाले के दोनों तरफ सौंदर्यीकरण व पाथवे निर्माण के लिए शासन से धनराशि जारी हो गई है। नाले पर से अतिक्रमण व अंदर की सफाई न होने से अड़चन आ रही है।
कटहलनाले के किनारे हुए अतिक्रमण के लिए सर्वे होगा। इसके लिए सिंचाई विभाग की तरफ से इंजीनियरों की समिति बनाई गई है। समिति से एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने का कार्य होगा। उसके बाद नाले की सफाई होगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के इंजीनियर व जिलेदार को लगाया गया है।
कटहल नाले की सिल्ट सफाई की योजना दो करोड़ की बनाई गई है। शहर क्षेत्र में नाले को साफ किया जाएगा। शासन से शहर के हिस्से कटहलनाले के किनारे सुंदरीकरण व पाथवे निर्माण समेत अन्य कार्य के लिए पहले ही 18 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। राजस्व विभाग से कटहलनाले की लंबाई व चौड़ाई के अभिलेख पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। अभिलेख के आधार पर सिंचाई विभाग ने स्थलीय निरीक्षण कर निशान भी लगा दिया है। राजस्व आंकड़ों में कटहलनाले की चौड़ाई 20 मीटर है।
इन परियोजनाओं पर होगा काम
शासन की तरफ 18 करोड़ की वित्तीय मंजूरी से परियोजना के तहत रामपुर महावल पुलिया से पावर हाउस पुल तक लगभग दो किलोमीटर नाले के दोनों किनारों पर पाथवे का निर्माण होगा, सोलर लाइटें लगाई जाएंगी, ब्रेंच और कचरे के लिए डस्टबिन लगाए जाएंगे। इसके अलावा, नाले के बीच में लकड़ी की डेस्क बनाई जाएगी और पार्क विकसित किया जाएगा। इस प्रस्ताव में नाले के दोनों तरफ 15-15 मीटर ज़मीन की जरूरत होगी।
कटहलनाले के शहर क्षेत्र में सफाई कराई जाएगी। इसके लिए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। सर्वे के लिए इंजीनियर व जिलेदार की समिति बनाई गई है। सर्वे के बाद अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण को हटाया जाएगा। - इं. राकेश कुमार, एक्सईएन सिंचाई विभाग।