बैरिया। विद्युत उपखंड पर शत-प्रतिशत अधिभार मुक्त अभियान के तहत प्रथम चरण के अंतिम दिन मंगलवार को बिल जमा करने पहुंचे सैकड़ों उपभोक्ता सर्वर डाउन होने के वजह से निराश लौट गए। लोगों ने कर्मचारियों की लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति तथा मीटर रीडरों की मनमानी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया।
ओटीएस स्कीम के तहत प्रथम चरण में शत-प्रतिशत अधिभार मुक्त की घोषणा विद्युत निगम ने कर रखी है। मंगलवार को प्रथम चरण का अंतिम दिन होने के चलते काफी भीड़ रही। प्रथम चरण में सर्वर की सबसे बड़ी समस्या रही। सर्वर खराब होने की समस्या के अलावा उपभोक्ताओं की शिकायत है कि मीटर रीडर चेक किए बिना ही गलत बिल भेज दिया जाता है। एक व्यक्ति के नाम से दो-दो बिल की शिकायत करने वाले भी कई लोग थे। मठ योगंद्र गिरी के मठिया निवासी घुरू चौधरी ने बताया कि सही बिल बिजली निगम की ओर से नहीं बनाया जाता है।
जयप्रकाश नगर निवासी विनोद सिंह का आरोप है कि उनका डेढ़ लाख रुपये का बिल बकाया है। बिल होल्ड कर दिया गया है। गया जिले से बिल जमा करने के लिए चार दिनों से आया हूं। कागजात दुरुस्त नहीं किए जा रहे हैं। मोतीलाल शर्मा निवासी बैरिया ने बताया कि बिल के नाम पर 43,506 रुपये जमा कर दिया लेकिन हमें कोई प्रूफ नहीं मिला। बैरिया निवासी शाहनवाज खातून पत्नी आलमगीर ने बताया कि पति के नाम से दो-दो बिल आ रहे हैं। संशोधित कर एक बिल नहीं बनाया जा रहा है। कई लोगों का आरोप है कि पिछले महीनों में बिल 500 से 600 रुपये तक आता था, एकाएक तीन हजार, पांच हजार, 10 हजार तक आने लगाहै। इसमें संशोधन नहीं किया जा रहा है।
सबसे बड़ी समस्या सर्वर को लेकर है। ज्योंही सर्वर उपलब्ध होता है, काम किया जा रहा है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। शत-प्रतिशत अधिभार मुक्ति अभियान की तिथि बढ़ाने की बाबत जानकारी दी गई है, जैसा निर्देश होगा किया जाएगा। फिलहाल अधिभार मुक्ति का दूसरा चरण एक जनवरी से 15 जनवरी तक चलेगा। इसमे अधिभार में 75 प्रतिशत की मुक्ति दी जाएगी। - अंबुज तिवारी, सहायक अभियंता, बैरिया
21 हजार दीजिए, निपटा दूंगा 75 हजार का बिल
बैरिया। 21 हजार रुपये दीजिए 75 हजार की बिल मैनेज करा दूंगा। आठ से 10 हजार की रसीद भी मिल जाएगी। आपका बिल जीरो हो जाएगा। मीटर रीडर की ओर से ऐसी मांग होने पर मामले की शिकायत उपभोक्ता ने एक्सईएन से की। इसके बाद उन्होंने क्लर्क को फटकार लगाई। सहायक अभियंता ने कहा कि मामले का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराएं, आरोपी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विद्युत उपखंड कार्यालय बैरिया में मंगलवार को विद्युत बिल जमा करने पहुंचे उपभोक्ता लालगंज निवासी कमलेश सिंह ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह से आ रहा हूं लेकिन बिजली बिल सही नहीं किया जा रहा है। बताया कि लालगंज बाजार में किराने की दुकान है। मां रत्नावली देवी के नाम से कनेक्शन है। कुल 924 मीटर रीडिंग का 75 हजार रुपये बिल आया है। इस बिल के बाबत मीटर रीडर दुकान पर पहुंचा। कहा कि 75 हजार रुपये के बदले 21 हजार रुपये दीजिये। आठ से 10 हजार की रसीद देंगे। मीटर रीडिंग जीरो हो जाएगा। इस प्रकरण का फुटेज सीसीटीवी में है। उससे की गई बात की रिकार्डिंग भी है। इस बाबत क्लर्क राहुल कुमार ने कहा कि बिल दुरुस्त करके एसडीओ को भेज दिया गया है, सर्वर डाउन होने की वजह से अभी एप्रुवल नहीं हुआ है।
अगर कोई मीटर रीडर किसी का नाम लेकर अवैध वसूली करने पहुंचा है तो साक्ष्य उपलब्ध कराएं, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - अंबुज तिवारी, सहायक अभियंता, विद्युत उपकेंद्र बैरिया
23955 उपभोक्ताओं से 18.38 करोड़ की राजस्व प्राप्ति
बलिया। विद्युत विभाग की एक मुश्त समाधान योजना के प्रथम चरण के अंतिम दिन मंगलवार को पंजीकरण कराने के लिए विद्युत कार्यालयों पर भीड़ रही। कई बार सर्वर में गड़बड़ी से दिक्कत हुई।
जिले के कुल 2.26 लाख बकायेदार उपभोक्ताओं में से ओटीएस के पहले चरण में 23955 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इसमें 18.38 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई। सर्वाधिक लाभ खंड बांसडीह के उपभोक्ताओं ने लिया। खंडवार वितरण प्रथम खंड 4652, द्वितीय खंड 6455, तृतीय खंड 8725 एवं चतुर्थ खंड 4123 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया। इसमें सबसे कम लाभ विद्युत वितरण खंड चतुर्थ बैरिया के उपभोक्ताओं ने लिया।
प्रथम चरण में छोटे एवं मझौले उपभोक्ताओं ने विशेष रुचि लेते हुए पंजीकरण कराया। अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में बकाया जमा न करने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटने के लिए अभियान चलाया जाएगा। ओटीएस में पंजीकरण न कराने वाले बकाया विद्युत उपभोक्ताओं पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
एक मुश्त समाधान योजना का दूसरा चरण एक से 15 जनवरी तक है। प्रथम चरण के शुरूआत में उपभोक्ताओं ने विशेष रूचि नहीं दिखाई। डीएम एवं एसपी के सहयोग से एक मुश्त समाधान योजना में रूचि न लेने वाले विद्युत उपभोक्ताओं का विद्युत विच्छेदन कराने वाली टीमों को पुलिस बल का सहयोग उपलब्ध कराया गया है।