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चुनावी ड्यूटी ने फरियादियों की बढ़ाई मुश्किलें

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बलिया। तहसील, कलक्ट्रेट और विकास भवन के कर्मचारियों की ड्यूटी इन दिनों चुनाव में लगी हुई है। ऐसे में आम लोगों के जरूरी काम लटक रहे हैं इससे कर्मियों की ड्यूटी लगने के कारण प्रमाण पत्र, पेंशन सत्यापन के काम नहीं हो पा रहे हैं। नामांकन के कारण हुई बैरीकेडिंग से लोग कलक्ट्रेट व तहसील में भी नहीं जा पा रहे हैं।
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विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण विभिन्न कार्यालयों के कामकाज पर भी असर पड़ा है। इसकी वजह से तहसील में जाति, आय, निवास और अन्य प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित होने लगे हैं। जिले के तहसीलों में कुल 4481 आवेदन एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित हैं। इससे आवेदकों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। इसके अलावा तहसीलों में जमीन से संबंधित कार्यों को लेकर आए दिन लोगों का आना होता है लेकिन जिले में नामांकन प्रक्रिया को लेकर कलेक्ट्रेट व तहसील के आसपास बैरिकेडिंग के कारण लोगों तहसीलों में भी नहीं जा पा रहे। हालांकि बुधवार को नाम वापसी के बाद लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। उधर, विकास भवन में 13 विभागों के कार्यालय हैं। लेकिन अधिकांश विभागों के अधिकारियों से लेकर कर्मियों तक की ड्यूटी चुनाव में लगे होने के कारण कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। आए दिन फरियादियों से गुलजार रहने वाला विकास में तो सन्नाटा रह रहा है। बुधवार को विकास भवन के कई कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारियों के प्रशिक्षण में चले जाने के कारण सन्नाटा रहा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में पेंशनरों के सत्यापन का काम नहीं हो रहा है, यह कार्य मार्च महीने बाद कराया जाता है।
तहसील से अपनी जमीन की खतौनी लेना है और लेखपाल से खसरा बनवाना है। जमीन की पैमाईश भी करानी है। इसको लेकर वह पिछले एक सप्ताह से तहसील आ रहे हैं लेकिन अंदर नहीं जा पा रहे। आज अंदर जाने को मिला भी तो संबंधित कर्मचारी नहीं मिले। अब कल फिर आएंगे।
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- सुदामा राम, बसरिकापुर
जमीन की पैमाईश कराने के लिए आवेदन दिया, 15 दिन से अधिक बीत गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कानूनगो के यहां कई दिनों से रिपोर्ट के लिए आवेदन पड़ा है। कई दिनों से आ रहे लेकिन कभी कोई नहीं मिलता है जिससे काम नहीं हो रहा है।
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- महेंद्र सिंह, बसंतपुर
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