बैरिया। अस्तित्व खो रहे भागड़ नाले को जल संग्रहण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसको झील का स्वरूप देकर पर्यटन केंद्र बनाने की योजना है। इस काम में बैरिया, रेवती व मुरलीछपरा क्षेत्र पंचायतों से सहयोग लिया जाएगा। यह बात सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने मंगलवार को सोनबरसा स्थित अपने संसदीय कार्यालय में कही। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए अपनी निधि से भी धन खर्च करने को तैयार हैं।
सांसद ने बताया कि देवपुर मठिया से भागड़ नाला सरयू नदी से निकल कर छेड़ी, जमालपुर, चकिया, तिवारी के मिल्की, रानीगंज, भीखाछपरा, इब्राहिमाबाद, बकुल्हा, ठेकहा के रास्ते मांझी घाट स्थित सरयू नदी में जाकर मिला है। इसकी लंबाई लगभग 22 किलोमीटर है। अतिक्रमण व प्राकृतिक कारणों से कहीं-कहीं इसका स्वरूप समाप्त हो गया है। अधिकांश जगह गंदगी के चलते बदहाल है। इसे प्राकृतिक स्वरूप प्रदान करने के साथ ही इसे जल संग्रहण क्षेत्र के रूप में विकसित करने व झील बनाकर पर्यटन केंद्र का स्वरूप देने का प्रयास होगा। जिन-जिन ब्लॉक क्षेत्रों में यह भागड़ नाला है वहां के ब्लॉक प्रमुख व खंड विकास अधिकारी से कहूंगा कि अपने-अपने क्षेत्र में भागड़ नाला की सफाई मनरेगा से करवा दें। शेष कार्य के लिए धन की व्यवस्था मैं करूंगा। सांसद मस्त ने बताया कि इसी भागड़ नाला के किनारे संत स्वामी महाराज बाबा, संत सन्तोष बाबा, संत सुदिष्ट बाबा का आश्रम है। यहां पर इन लोगों ने तपस्या की है यह भागड़ नाला अतिक्रमण के चपेट में है। इसका पुनरोद्धार किया जाएगा। इस मौके पर बैरिया के प्रमुख प्रतिनिधि राकेश सिंह, मुरलीछपरा प्रमुख कन्हैया सिंह आदि रहे।