कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र स्नान का सिलसिला शुक्रवार की आधी रात से शुरू हो गया। इसके लिए आसपास के जिलों से लगायत दूरदराज के गांवों से भी श्रद्धालु शाम से ही गंगा-तमसा के तट पर जुटने लगे थे। नहान के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। शुक्रवार की शाम सूरज ढलते ही गंगा-तमसा के तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। निशा काल में मोक्षदायिनी की भव्य आरती की गई। इस महाआरती को देखने के लिए नगर के अलावा आसपास गांवों के लोग खासी तादाद में पहुंचे थे। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान की पूर्व संध्या पर गंगा और तमसा के तट पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से भव्य महाआरती का आयोजन किया गया था।
मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) उपेंद्र तिवारी, जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम, एसपी अनिल कुमार ने संयुक्त रूप से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद काशी से पधारें विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा के तट पर आरती की शुरूआत की। उधर, गंगा-तमसा तट पर महिला-पुरषों ने गंगा के किनारे दीपक जलाए और गंगा की धारा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे का उद्घोष किया। आधी रात से शुरू हुए कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के दौरान लोगों ने पवित्र गंगा और तमसा में डुबकी लगाई और पुण्य के भागीदार बने। उधर, स्नान की पूर्व संध्या पर शिवरामपुर गंगा तट पर भव्य स्वरांजलि कार्यक्रम का आयोजन धरोहर संस्था की ओर से किया गया। जिसमें वृंदावन से आए कलाकारों ने अपने मनमोहक प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।