बलिया। मौसम के बदलाव से बच्चों से लेकर बुजर्गाें की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी सहित अन्य समस्याएं बढ़ गई हैं। रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में वायरल फीवर व बदन दर्द सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज पहंुचे। एसीएमओ डॉक्टर योगेंद्र दास ने बताया कि 81 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2648 मरीजों का इलाज किया गया, तीन मरीज रेफर किए गए।
चितबड़ागांव स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष चिकित्सक डॉक्टर मुहम्मद शाहिद ने 32 मरीजों का उपचार किया। इसमें वायरल बुखार, बदन दर्द, खांसी, सांस के रोगी ज्यादा रहे।
नगरा पीएचसी पर डॉक्टर राहुल सिंह ने 56 मरीजों का उपचार किया। पीएचसी से जुड़े न्यू पीएचसी भीमपुरा नं 2, इंदरौली मलकौली, कैथी पर 67 मरीजों का उपचार हुआ। फार्मासिस्ट प्रमोद पटेल, आयुष के डॉक्टर आशुतोष यादव, होम्योपैथ के डॉक्टर अभिमन्यु यादव वार्डबाॅय अशोक कुमार, मुकेश सिंह मौजूद रहे।
बेरूआरबारी ब्लॉक परिसर स्थित पीएचसी में एलोपैथ एवं होम्योपैथ के डॉक्टरों ने मरीजों की जांच कर दवा दी। एलोपैथ के चिकित्सक डॉ आरके श्रीवास्तव ने 39 मरीजों का इलाज किया। वहीं होम्योपैथ के चिकित्सक डॉ संजय यादव ने 28 मरीज का इलाज किया। चिलकहर पीएचसी पर होम्योपैथ के चिकित्सक अनुपस्थित रहे संविदा कर्मियों ने मरीजों की जांच कर दवा दी। एलोपैथ के चिकित्सक के अभाव में सिर्फ 30 मरीजों का इलाज हुआ।
इंदरपुर न्यू पीएचसी बछईपुर में चिकित्सक डाॅ. आशीष चौहान ओपीडी में न बैठकर आवास पर मरीज देख रहे थे। न्यू पीएचसी भीमपुरा नंबर दो पर आयुष चिकित्सक डाॅ. अजीत कुमार, होमियोपैथिक चिकित्सक डाॅ. अरुण कुमार, डाॅ. विनय कुमार मिश्र, न्यू पीएचसी इंद्रौली मलकौली पर फार्मासिस्ट दिग्विजय सिंह, न्यू पीएचसी किशोरगंज पर फार्मासिस्ट अजय नारायण सिंह, न्यू पीएचसी मालीपुर में आयुष चिकित्सक डाॅ. खालिद, न्यू पीएचसी कसौंडर पर फार्मासिस्ट व होमियोपैथिक चिकित्सक ने मरीजों का उपचार किया।
दो केंद्रों पर चिकित्सकों और तीन न्यू पीएचसी पर वार्डबॉय ने किया इलाज : जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के पीएचसी पर डाॅ. देवनीति के नेतृत्व में आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। 27 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार कर दवा दी गई। वहीं, न्यू पीएचसी टोला शिवन राय पर दो वार्डबॉय ने 14 मरीजों की जांच कर दवा दी। ब्लाॅक क्षेत्र के दो स्वास्थ्य केंद्रों पर एमबीबीएस चिकित्सकों ने इलाज किया। वहीं, तीन न्यू पीएचसी पर वार्डबाॅय ने मरीजों की जांच कर दवा दी।