बलिया। अब फेफना-मऊ एनएच को फोरलेन बनाने की योजना मूर्त रूप लेने लगी है। इस मार्ग के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था का चयन शासन स्तर से हो गया है। इस मार्ग पर पांच जगहों पर रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। इससे आजमगढ़ मंडल व प्रयागराज तक की राह काफी आसान हो जाएगी।
जिले के सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी की योजना अब धरातल पर उतरती दिखने लगी है। नई सड़कों का निर्माण, मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण और एक्सप्रेस का कार्य प्रगति पर है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस का एक फेज दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है। फेफना-मऊ मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए शासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग की स्वीकृत पहले ही दी थी। मार्ग को फोरलेन बनाने की कवायद एनएचआई की तरफ काफी समय से किया जा रहा था।
इसके लिए सर्वे व कार्य योजना पहले ही तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिस पर शासन ने मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दी है। पहले यह मार्ग स्टेट हाइवे-34 था। केंद्र सरकार ने फेफना- मऊ मार्ग को एनएच कोड 128 बी आवंटित किया है। डीपीआर में मार्ग को फोरलेन बनाने में खर्च होने वाली धनराशि का आंकलन तैयार किया जाएगा। शासन से धनराशि स्वीकृत होते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यह मार्ग आजमगढ़ फोरलेन में जुड़ जाएगा।
इन स्थलों पर बनेगा रेलवे ओवरब्रिज
राष्ट्रीय राजमार्ग बलिया-मऊ अब पांच आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाया जा रहा है। ब्रिज के लिए बलिया से मऊ राजमार्ग पर फेफना, गढि़या, पकवाईनार, रतनपुरा व हलधरपुर में स्थान चिह्नित हुए हैं। एनएचआई ने रेलवे से भी सुझाव मांगा था। फेफना व मऊ के बीच एक स्थान पर टोल प्लाजा भी बनाने की योजना है। टोल प्लाजा के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो गया है।
एनएचआई के परियोजना निदेशक एसडी पाठक ने कहा कि फेफना-मऊ तक फोरलेन बनाने की योजना का डीपीआर की मंजूरी शासन से मिनी है। इसके लिए शासन से ही कंपनी का चयन किया गया है। अगले माह से कंपनी डीपीआर बनाने में जुट जाएगी। मार्ग के फोरलेन हो जाने से यातायात सुगम हो जाएगा। मार्ग में पड़ने वाले पांच रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की योजना है।