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सीएमओ के निरीक्षण में भी सीएचसी सोनबरसा पर नहीं मिले चिकित्सक

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सीएचसी सोनबरसा के औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों तथा तीमारदारों की समस्याओं को सुनते सीएमओ डॉ. नीर? - फोटो : BALLIA
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बैरिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में सोमवार को उप जिलाधिकारी बैरिया राहुल कुमार यादव के औचक निरीक्षण के बाद रात आठ बजे अचानक मुख्य चिकित्साधिकारी डा नीरज कुमार पांडेय पहुंचे। जहां अस्पताल में उन्हें कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इस बीच सीएमओ को अस्पताल में इलाज कराने आए रोगियों के परिजनों के आक्रोश को झेलना पड़ा। लोगों के प्रश्नों का कोई जवाब सीएमओ के पास नहीं था। उन्होंने बलिया में संबंध डॉ विजय कुमार यादव की संबद्धता समाप्त कर सोनबरसा में तैनाती करने व बिना सूचना ड्यूटी से गायब चिकित्सकों का वेतन काटने का आश्वासन वहां मौजूद लोगों को दिया।
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ज्ञात हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा इन दिनों विभागीय उपेक्षा के कारण बदहाली की स्थिति में है। सांसद, उप जिलाधिकारी सहित किसी के भी प्रयास का कोई असर यहां नहीं दिख रहा है। यहां तैनात चिकित्साधिकारी मनमानी पर उतारू है। जिसके चलते यहां रोगियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। उप जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण की बात संज्ञान में आने पर सीएमओ सोमवार की रात पहुंचे। देखा की दयाछपरा की एक छोटी बच्ची अस्पताल में पेट दर्द से तड़प रही थी। कोई देखने वाला नहीं था। इसी तरह इब्राहिमाबाद की एक महिला की स्थिति खराब थी। तभी चकिया के शिक्षक नेता रामेश्वर सिंह अपनी बीमार पत्नी को इलाज के लिए सोनबरसा पहुंचे। जहां किसी डॉक्टर के नहीं रहने पर सीएमओ पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। सीएमओ के आने की सूचना पर दुर्गविजय सिंह झलन, निखिल उपाध्याय, अमित सिंह क्षत्रिय, मणि भूषण सिंह सहित दर्जनों युवक अस्पताल में पहुंच गए। जिन्होंने सीएमओ से पूछा आखिर आप क्या रहे हैं। सीएमओ के पास लोगों के सवाल का जवाब नहीं था। बाद में युवकों ने उन्हें बंधक बनाने की बात सोची। किंतु स्थानीय लोगों के आग्रह पर सीएमओ को लोगों ने इस शर्त पर छोड़ा कि उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार से अस्पताल की पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। बावजूद इसके मंगलवार को सीएमओ के आदेश का सामुदायिक स्वास्थ्य सोनबरसा पर कोई असर नहीं पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बलिया से संबद्धता समाप्त होने पर डॉ विजय कुमार यादव सोनबरसा पहुंचे। जहां वह अपने आवास पर बैठकर फीस लेकर रोगियों को देखा और बाहर की दवाइयां लिखी। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से उचित कार्रवाई की अपेक्षा की है।
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