बलिया। जिले में यूरिया की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कृषि विभाग ने भी कवायद तेज कर दी है। चार फरवरी को 32 हजार बोरी इफको यूरिया के खेप जिले में पहुंच जाएगी। निर्धारित वितरण लक्ष्य 43679 मी. टन के सापेक्ष जिले में 44094 मी. टन की उपलब्धता है।
शासन की मंशानुरूप कृषकों को समय से कृषि इनपुट निर्धारित दर पर प्राप्त कराया जाना है। जनपद में यूरिया का माह मार्च तक का लक्ष्य 54000 मीट्रिक टन है। 31 जनवरी तक यूरिया वितरण का लक्ष्य 43675 मीट्रिक टन था जिसके सापेक्ष अब तक की उपलब्धता 44094 मीट्रिक टन है। इसे समितियों एवं उर्वरक की प्राइवेट लाइसेंसी दुकानों के माध्यम से वितरित कराया जा रहा है। कृषकों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए 31 जनवरी को काकीनाडा पोर्ट से 3200 मीट्रिक टन यूरिया जनपद को और प्राप्त हुई है जो चार फरवरी को फेफना रेक प्वाइंट पर लगेगी एवं समितियों के माध्यम से इसका वितरण कराया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकतानुसार खतौनी के आधार पर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। यदि कहीं पर उर्वरक मूल्य एवं उपलब्धता संबंधित कोई समस्या आती है तो उर्वरक कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 7839882474 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कहा कि पूर्व में भी उर्वरक संबंधित अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। वर्तमान में जो भी विक्रेता उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतेगा एवं ओवर रेटिंग करते पाया जाएगा उसका उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
धान क्रय करने की मांग को लेकर किसानों ने सौंपा ज्ञापन
बलिया। पीसीएफ गोदाम भगवानपुर में धन क्रय न होने क्षुब्ध होकर किसानों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। जिसमें उल्लेख किया है कि हम किसानों द्वारा अपना धान बेचने के लिए क्रय केंद्र भगवानपुर जाते है तो वहां पर तैनात अधिकारी द्वारा धान क्रय करने से मना कर दिया जाता है। अधिकारी द्वारा कहा जाता है कि अभी हमारे गोदाम भरे पड़े है जब गोदाम खाली होगा उसके बाद ही धान क्रय किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया हम किसानों का धान जल्द से जल्द खरीदा जाएगा। साथ ही किसानों ने चेताया कि यदि हम लोगों का धान पांच फरवरी तक खरीदा नहीं गया तो हम लोग धान क्रय केंद्र भगवानपुर के परिसर में धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। पत्रक सौंपने वालों में शिवजी सिंह, संतोष श्रीवास्तव, सुनील गिरि, त्रिभुवन प्रसाद गुप्ता, विक्रमा राम, काशीनाथ सिंह, त्रिलोकी सिंह, अभयनारायण सिंह आदि लोग शामिल रहे।