फायरिंग में मृत भाजपा नेताा विनोद राय के गांव पहुंचे भाजपा के सात सदस्यीय टीम के पदाधिकारी।
नरहीं में पुलिस की बर्बरता की जांच के लिए रविवार को पहुंची भाजपा की सात सदस्यीय टीम ने घटना के लिए प्रथमदृष्टया पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। पत्रकारों से बातचीत में टीम के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शिवप्रताप शुक्ल ने कहा कि विनोद राय और मुन्ना बहादुर सिंह नहीं रहते तो पुलिस उपेंद्र तिवारी की ही जान ले लेेती।
उन्होंने मृत विनोद राय के परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा देने के साथ घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। कहा कि पार्टी ‘दु:खी जनता करे गुहार, बर्खास्त हो अखिलेश सरकार’ के नारे के तहत अब पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने मान-सम्मान के साथ ही कार्यकर्ताओं के सम्मान की भी लड़ाई लड़ता है।
भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी ने भी अपने कार्यकर्ता के सम्मान की लड़ाई के लिए नरहीं थाने पर धरना दिया था। लेकिन निरंकुश अधिकारियों ने उनकी बातें माने बगैर मामले को निपटाने की कोशिश की। कहा कि एडीएम और एएसपी ने भी मामले को शांत करने के बजाय उसमें और आग लगाने की कोशिश की। सांसद शुक्ल ने कहा कि उपेंद्र तिवारी से मिलने के बाद जांच दल मृत भाजपा नेता विनोद राय के परिवार तथा मुन्ना बहादुर सिंह से भी मिला।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कहा कि अखिलेश सरकार ने प्रदेश की बागडोर गुंडों को दे दी है। अपराध के मामले में यूपी सबसे आगे है। भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ पहले से ही संघर्षरत है। अब हम ‘दु:खी जनता करे गुहार, बर्खास्त हो अखिलेश सरकार’ के नारे के तहत पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ेंगे। कहा कि जांच रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।