भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की मौत के बाद सदर अस्पताल में जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग करते भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दूबे।
नरहीं थाने के बाहर धरनारत भाजपाजनों पर लाठीचार्ज और फायरिंग की घटना में कार्यकर्ता की मौत के बाद क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति रही। किसी बवाल के अंदेशा के मद्देनजर सुबह भोर में ही कई थानों की फोर्स के अलावा सीआरपीएफ के जवान क्षेत्र में पहुंच गए तथा देखते ही देखते नरहीं चट्टी समेत आसपास के इलाकों में कफ्यू जैसा माहौल हो गया। सड़क पर सन्नाटा पसर गया। दूकानों के शटर नहीं खुले। जिधर भी नजर जा रही थी उधर पुलिस ही दिख रही थी। ऐसा लग रहा मानो नरहीं पुलिस की छावनी हो। लोगों में इस कदर भय व्याप्त हो गया था कि कोईे बाहर नहीं निकल रहा था।
नरहीं पुलिस द्वारा पशुपालक चंद्रमा यादव को पशु तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के विरोध में शुक्रवार को भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। देर रात पुलिस और भाजपाईयों के बीच झड़प हो गई। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और फायरिंग में भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी, पीएससी और केंद्रीय सुरक्षा बल नरहीं पहुंच गए। गांव में चारों तरफ सन्नाटा पसर गया। शव पहुंचने के बाद गांव का सन्न्ाटा टूूटा।