बलिया। बीते मंगलवार को सोशल मीडिया पर तीन कैदियों द्वारा एक कैदी की पिटाई करने का वीडियो वायरल को शासन ने गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर के प्रभारी डीआईजी डा. रामधनी राम को जांच के लिए जिला कारागार बलिया भेजा। बुधवार को बलिया पहुंचे डीआईजी ने कैदियों से पूछताछ किया था। इसके बाद दूसरे दिन गुरुवार को भी कैदियों व बंदीरक्षकों के साथ ही जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य, जेलर विनय मिश्र के साथ ही अन्य अधिकारियों से घटना के बारे में बातचीत की। लेकिन दूसरे दिन भी जांच अधूरी रह गई। जिसके कारण डीआईजी को रूकना पड़ा। इस मामले में अब मामले में शुक्रवार को जांच करेंगे। इस प्रकरण में डीआईजी पे जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंची, इसको लेकर काफी गंभीर दिखे।
बता दे कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुुआ था। जिसमें तीन कैदी एक कैदी को किसी बात को लेकर पिटाई कर रहे हैं। जबकि शेष कैदी देख रहे है। जैसे ही वीडियो वायरल की जानकारी जेल प्रशासन को हुुआ, वैसे ही जेल प्रशासन हरकत में आ गया। इसके बाद वायरल वीडियो की छानबिन शुरू कर दिया। जिसमें पता चला कि जिला कारागार में 12 जून को तीन कैदी दूसरे कैदी को चप्पल व हाथ से पीट रहे है। यह भी पता चला कि पीटने वाले एक कैदी को जेल प्रशासन ने 20 जून को आजमगढ़ भेज दिया है। इसके अलावा अन्य तीन कैदियों की भी पहचान जेल प्रशासन द्वारा की गई। बुधवार को शासन के निर्देश पर जिला कारागार पहुंचे डीआईजी डा. रामधीन राम दो दिन से कैदियों से लेकर जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों से पूछताछ की। इसके अलावा जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंची और किसने वीडियो बनाकर वायरल किया। इन तमाम बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रहे है। सूत्रों की माने तो वीडियो बनाने वाले और वायरल करने वाले की भी पहचान हो गई है। इस बाबत जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार मौर्य ने बताया कि डीआईजी द्वारा जांच की जा रही है।