फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना राशन किट के ही बैरंग लौटे प्रवासी श्रमिक

विज्ञापन
विज्ञापन
बैरिया। तहसील पर इब्राहिमाबाद ऊपरवार ग्राम पंचायत में लॉकडाउन के दौरान घर आए प्रवासी श्रमिक बृहस्पतिवार को सुबह से शाम चार बजे तक कोरोना राहत पैकेट के इंतजार में बैठे रह गए। न लेखपाल आया और न ही वितरण हुआ। जबकि बृहस्पतिवार की तिथि पर लेखपाल ने प्रवासी श्रमिकों को टोकन देकर राहत पैकेट वितरण के लिए बुलाया था। आसपास के सभी जगह राहत सामग्री वितरित हो जाने और उनके यहां के वितरण में हीलाहवाली पर प्रवासी श्रमिक नाराजगी व्यक्त कर रहे थे। प्रवासी श्रमिकों के साथ आए अजय यादव का कहना था कि हमारे ग्राम पंचायत में कुल 722 प्रवासी श्रमिक आए। ग्राम निगरानी समिति ने सूची बना कर तहसील पर जमा भी की। लेकिन उसमें से सिर्फ 132 लोगों को ही करोना राहत किट मिली। जबकि लेखपाल सब जगह बंट किट जाने के बात कर रहे थे। जब लोगों ने उप जिलाधिकारी के यहां अपनी मांग रखी तो उप जिलाधिकारी ने लेखपाल को सूची बना कर सबको राहत किट दिलवाने व खाते में पैसा भेजने का आश्वासन दियी। जिस क्रम में लगभग 200 लोगों को राशन किट दिया गया। 140 लोगों को टोकन देकर तीन दिन से तहसील पर बुलाया जा रहा है। आज सुबह साढ़े दस बजे से हम लोग आकर इंतजार कर रहे हैं शाम चार बज गए। लेखपाल अभी तक आए ही नहीं। फोन पर पूछे जाने पर लेखपाल मोतीलाल गुप्ता ने बताया कि एक पैमाइश के मामले में सुबह से ही आया हूं। इसी वजह से नहीं पहुंच पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें