जिला मुख्यालय स्थित वेयर हाउस का पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार की जाल में फंसा है। बिना सेंटिंग किए चावल जमा करना मुश्किलों भरा है। सुविधा शुल्क न दिए जाने पर ट्रकों को कई दिनों तक खड़ा किया जाना आम बात है। इसके चलते बलिया-बांसडीह मार्ग स्थित वेयर हाउस के पास जाम भी लगता है।धान खरीद के सापेक्ष राइस मिलरों को बतौर सीएमआर चावल को एफसीआई के यहां जमा करने का प्रावधान है। इसके अलावा राइस मिलरों को लेवी चावल जमा करना होता है।
यही चावल बाद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए ब्लाक गोदामों पर भेजा जाता है। वितरण के दौरान कोटेदारों की ओर से आए दिन बोरियों में अनाज कम होने व कार्डधारकों की ओर से अनाज की गुणवत्ता में गड़बड़ी की शिकायत अधिकारियों से की जाती है लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं होती। बताया जाता है कि गड़बड़ी की शुरुआत चावल जमा करने से होती है। जिले में चावल जमा करने का काम एफसीआई के माध्यम से सेंट्रल वेयर हाउस गोदामों में किया जाता है। लेकिन यहां पग-पग पर भ्रष्टाचार है। एफसीआई व सीडब्लूसी की ओर से राइस मिलरों के यहां आने वाले चावल को उतरवाने व गोदाम में रखवाने के लिए ठेकेदार तैनात हैं। लेकिन यह ट्रक चालकों से लेबर के नाम पर वसूली करते हैं और नहीं देने पर लेबर नहीं होने का बहाना कर ट्रकों को कई दिनों तक खड़ा करवा देते हैं।