बैरिया। संत सुदिष्ट बाबा समाधि स्थल के पास ऐतिहासिक धनुष यज्ञ मेले का उद्घाटन संत शिरोमणि रामबालक बाबा ने मेले के चौक पर फीता काटकर और धर्मध्वज फहराकर किया। इसके पूर्व समाधि स्थल पर शुक्रवार की रात से ही साधु संतों की पूजा अर्चना के बाद बाबा के जयकारों से सुदिष्टपुरी क्षेत्र गूंज उठा। शनिवार को बाबा का दर्शन करने के लिए करीब दो लाख श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर तक उमड़ी रही। सुदिष्ट बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना के लिए शुक्रवार की शाम को ही करीब 25 हजार महिला और पुरुष श्रद्धालु बाबा के आश्रम पर पहुंचकर कल्पवास किए थे।
संत सुदिष्ट बाबा समाधि स्थल पर शुक्रवार रात एक बजे ही साधु संतों की पूजा-अर्चना के बाद बाबा के जयकारों से सुदिष्टपुरी क्षेत्र गूंज उठा। शनिवार को बाबा के दर्शन करने के लिए करीब दो लाख श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर तक उमड़ी रही। सुदिष्टबाबा की समाधि पर पूजा के लिए शुक्रवार की शाम को ही करीब 25 हजार महिला और पुरुष श्रद्धालु बाबा के आश्रम पर पहुचकर कल्पवास किये थे। सुबह होते-होते सुदिष्टबाबा की तरफ जाने वाले रास्ते पर महिलाएं और पुरुषों की भीड़ रही। श्रद्धालु बाबा के दर्शन के बाद साधु-संतों से आशीर्वाद लेने के साथ ही आटा, चावल, लौकी आदि दान किए। संतनगर में साधु-संतों का जमावड़ा लगा रहा।
संत सुदिष्ट बाबा ने किए थे कई सामाजिक कार्य
बैरिया। कहा जाता है कि रानीगंज भागड़ नाले पर पुल का निर्माण सुदिष्ट बाबा ने ही करवाया था। साथ ही दर्जनों शिवालयों के अलावा अपने गांव में बच्चों के शिक्षा के लिए एक स्कूल का भी निर्माण किया था। इन सब कार्यों में तत्कालीन अंग्रेज जिलाधिकारी रॉबर्ट का सहयोग उन्हें मिला था। मान्यता है कि पंचमी के एक दिन पूर्व जो भी सच्चे मन से बाबा के शरण में पहुंच जाता है और रात भर टिकान करता है उसकी मनोकामना बाबा पूर्ण करते हैं। प्रधान प्रतिनिधि गौरीशंकर गुप्ता और सचिव जगनारायन यादव ने बताया कि समाधि पर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं सहित मेलार्थियों की सुविधाओं की व्यवस्था मेला प्रशासन द्वारा की गई है।
संत शिरोमणि रामबालक बाबा ने कहा कि सुदिष्ट बाबा की कृपा का ही फल है कि इस मेले में प्रतिवर्ष लाखों लोग आते हैं। मेला अध्यक्ष और कोटवा की प्रधान जनक दुलारी ने कहा कि इस मेला के धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व के साथ ही आर्थिक महत्व भी है। यहां के लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि गौरीशंकर गुप्ता, उमेश कुमार गुप्ता, विवेकानंद, काशीनाथ वर्मा, विनोद गुप्ता, स्वामीनाथ यादव, अंकु सिंह फौजी, मुन्ना सोनी, अभिषेक, अरविंद केसरी, लेखपाल लाल साहब, शुभम गुप्ता आदि रहे।
कई महिलाओं के जेवरात पर झपटेमारी
बैरिया। मेले में किसी महिला ने हमारा मंगलसूत्र नोच लिया, तो किसी महिला ने बटुआ गायब होने की बात कहकर रोती बिलखती नजर आईं। नेकाराय के टोला निवासिनी मीरा सिंह पत्नी पारसनाथ सिंह की सोने की चेन, रानीगंज निवासिनी ज्योति पुत्री योगेंद्र का की मंगलसूत्र, सिकड़ी, श्रीनगर निवासिनी रम्भा देवी पत्नी अश्वनी सिंह के कान का झुमका, उसी गांव की अनिता तिवारी पत्नी हरभजन तिवारी की पर्स समेत कई महिलाओं ने जेवरात और बटुआ गायब होने की शिकायत की।
केवल भाजपा का ही लगा शिविर
बैरिया। धनुष यज्ञ मेला में इस बार सिर्फ भारतीय जनता पार्टी का ही मंच (शिविर) लगाया गया। अन्य किसी भी राजनीतिक पार्टियों का शिविर नहीं लगाया गया। कांग्रेस नेता सुनील सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद तिवारी ने कहा कि हमेशा से ही परंपरा रही है कि सत्ता पक्ष के शिविर के साथ ही अन्य पार्टियों का भी शिविर लगता था लेकिन इस बार विपक्षी पार्टियों का शिविर नहीं लगाया गया। ऐसा नहीं होना चाहिए।
मॉस्क पहनने के लिए किया जागरुक
बैरिया। शुभनथई निवासी फौजी अंगद मिश्र ने युवाओं के साथ बाइक जुलूस निकाल कर लोगों में निशुल्क मॉस्क वितरण किया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को मॉस्क पहनने के लिए जागरूक किया।