इसमें जय मां अंबे महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और किशोरियों को सेव का जैम, गाजर का जैम, टमाटर जैम और चटनी बनाने तथा संरक्षित करने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने को कहा गया।
इस असवर पर उप्र महिला आयोग की पूर्व सहायक निबंधक डा. राजेंद्री वर्मा ने कहा कि महिलाएं अपने आंगन से बाहर निकलें और हुनर को समाज के बीच में रखें। तभी परिवार, क्षेत्र और देश का विकास हो सकता है।
सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, आर्थिक विकास, शैक्षिक विकास के लिए कई योजनाएं संचालित हैं लेकिन इसके लिए महिलाओं को आंगन से बाहर निकलना होगा और धनोपार्जन करके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना होगा।
कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी होगी, जब महिलाएं खुद सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होंगी। राज्य महिला आयोग अपने स्तर से कार्य कर रही है।
वर्मा ने कहा कि महिलाओं के आंगन से बाहर निकले बगैर देश और समाज का विकास असंभव है।