रामगढ़ में गंगा में विलीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए एबीआरसी को प?
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रामगढ़। बाढ़ में विलीन गांवों के साथ गंगा में विलीन हो चुके प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन पुनर्निर्माण न होने से कक्षाएं पेड़ के नीचे या कहीं अन्यत्र समायोजित होकर संचालित हो रही हैं। विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह द्वारा कई बार अनुरोध किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को रामगढ़ ढाले पर धरना प्रदर्शन किया।
क्षेत्रवासियों संग धरने पर बैठे विनोद सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय चौबेछपरा, प्राथमिक विद्यालय शाहपुर गंगौली, प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर, प्राथमिक विद्यालय उदईछपरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगापुर व उच्च प्राथमिक विद्यालय वर्षों से भवनहीन हैं। इन स्कूलों को कहीं पेड़ के नीचे तो कहीं दूसरे स्कूलों से संबद्ध कर संचालित किया जा रहा है। जबकि भवन निर्माण के लिए कई बार गुहार लगाने के बाद अधिकारियों की ओर से इसे अनसुना किया जाता रहा है। धरना प्रदर्शन की जानकारी होते ही एबीआरसी बैरिया के प्रतिनिधि भरत प्रसाद गुप्ता खंड शिक्षाधिकारी बैरिया और एबीआरसी बेलहरी के प्रतिनिधि बृजकिशोर पांडेय खंड शिक्षाधिकारी बेलहरी मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद इंटक जिलाध्यक्ष ने मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपते हुए चेतावनी दी कि स्कूलों के भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो 24 फरवरी को सुघरछपरा ढाले धरना प्रदर्शन व अन्य आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि 31 मार्च 2020 तक भवन निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ तो संबंधित ग्राम प्रधानों, प्रधानाध्यापकों व क्षेत्रवासियों के साथ बीएसए कार्यालय के सामने बेमियादी अनशन पर बैठूंगा।
मिला आश्वासन, दुबारा धरना प्रदर्शन की जरूरत नहीं होगी
रामगढ़। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिलाध्यक्ष द्वारा स्थानीय ढाले पर भवन विहीन विद्यालयों के पुनर्निर्माण के संबंध में धरना प्रदर्शन के दौरान मौके पर पधारे एबीआरसी बैरिया प्रतिनिधि भरत प्रसाद गुप्ता खंड शिक्षा अधिकारी बैरिया तथा एबीआरसी बेलहरी के प्रतिनिधि बृजकिशोर पांडेय, खंड शिक्षाधिकारी बेलहरी ने इंटक नेता के पत्रक के जवाब में बताया कि बेसिक शिक्षाधिकारी बाहर गए है, सोमवार को वापस आने पर यह पत्रक उन्हें दे दिया जायेगा और इस पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। दुबारा धरना प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आयेगी।