बलिया। लोहिया संस्थान, जेपी विचार मंच तथा लोकतंत्र सेनानी संगठन की ओर से सोबईबांध स्थित सेनानी पं. वृंदावन मिश्र स्मृति परिसर में लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सेनानियों को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि लोकतंत्र सेनानी पांडेय गोविंद ने महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण, राजनारायण के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। समाजवादी चिंतक द्विजेंद्र मिश्र ने पांडेय गोविंद और शुभ्रांशु शेखर पांडेय सहित पांच लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि पांडेय गोविंद ने कहा कि 26 जून 1975 को ही मेरी गिरफ्तारी हो गई थी। आज संघर्ष करने वाले नेताओं का नाम तक लोग भूलते जा रहे हैं। नेता वहीं होते है जिनमे संघर्ष करने की क्षमता होती है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पिछड़ा आयोग के सदस्य देवेंद्र यादव ने कहा कि जनसेवा संघर्ष से ही समाज का निर्माण होता है, मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करता हूं। रामकृष्ण यादव ने कहा कि हमारा कृषि प्रधान देश में कृषकों और मजदूरों का दमन किया जा रहा है जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। लक्ष्मण यादव ने कहा कि जन आंदोलन हमेशा तानाशाही रवैया को उजागर करने के लिए किया जाता है, लेकिन आज देश में आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस अवसर पर देवेन्द्र नाथ त्रिपाठी, वासुदेव ठाकुर, शिव शरण तिवारी, अजीत मिश्रा, स्वतंत्र देव सिंह ,शाहिद अली, संजय आदि मौजूद रहे।