मनियर नगर पंचायत मनियर की ईओ मणि मंजरी राय की मौत मामले में सेवानिवृत्त जजों की एक कमेटी बनाकर जांच कराई जाए क्यों कि नगर पंचायत मनियर में हुए कथित भ्रष्टाचार और नायब तहसीलदार रजत सिंह को लेकर यह मामला पेचीदा बन गया है। ये बातें अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य श्रीराम चौधरी ने मनियर स्थित बैजनाथ यादव के आवास पर रविवार की शाम पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि बाहरी लोग जो विशेष रूप से मनियर के बारे में नहीं जानते हैं उनको लगेगा कि मनियर का चेयरमैन बहुत दबंग है। उन लोगों को मनियर की सामाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी नहीं है। आरोप लगाया कि मनियर में सामंती ताकतें हमेशा सक्रिय रही हैं। कहा कि हम नहीं मानते कि चेयरमैन के दबाव में ईओ ने आत्महत्या की है। अगर भ्रष्टाचार का ही मामला था तो ईओ मरते वक्त अपने सुसाइड नोट में चेयरमैन का नाम जरूर लिखतीं। प्रशासन एफआईआर के आधार पर एकतरफा कार्य कर रहा है।
जिस नायब तहसीलदार का नाम बार-बार आ रहा है, आखिर प्रशासन उससे पूछताछ क्यों नहीं कर रही है। मणि मंजरी राय के आत्महत्या करने से पहले लंबे समय तक उस अधिकारी से बात हुई है तो वह बात क्यों नहीं सार्वजनिक किया जा रहा है? नगर पंचायत के विगत तीन सालों के कार्यों की जांच होनी चाहिए। इस घटना को लेकर मनियर की जनता मर्माहत है। अगर इस पर सही न्याय नहीं होता तो मनियर के समझदार व जागरूक लोगों को लेकर हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे । इस मौके पर प्रमुख रूप से भाकपा माले के मनियर प्रभारी वशिष्ठ राजभर, एरिया सचिव राधेश्याम चौहान, राजू राजभर आदि मौजूद रहे।