बलिया। गेहूं खरीद के लिए किसानों का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। जिले में सत्यापन में विलंब होने से खरीद धीमी है। राजस्व विभाग की तरफ से सत्यापन में विलंब होने से खरीद की रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। शुक्रवार को 31 किसानों से 225 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। शासन गेहूं की खरीद केे लिए जिले में 69 क्रय केंद्र खोला है। क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार संतोषजनक नहीं होने से क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क कर खरीदारी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की तरफ से अब केंद्र प्रभारियों को लक्ष्य भी दिया गया है।
गेहूं क्रय करने के लिए हर केंद्र पर अब मोबाइल टीम बनाई गई है, जो किसानों के फोन आने पर मौके पर जाकर खरीदारी करेगा। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम लगाई गई है। अभी तक 9600 से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। 17 मार्च से ही क्रय केंद्र शासन ने सक्रिय कर दिया है। समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। इसके बाद भी किसान क्रय केंद्र पर ले जाने के बजाय खेतों से ही अपनी उपज आढ़तियों के हाथ बेच दे रहे हैं।
इसके पीछे तत्काल दाम मिलना बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर ले जाने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह मौके पर तौल व दाम मिल जा रहा है। केंद्रों पर बेचन से चौबीस घंटे में धनराशि आती है। मौके पर बिक जाने से कम से कम कटाई आदि के लिए नकद मिल जा रहा है। क्षेत्रीय खाद्य व विपणन अधिकारी अब्दुला ने बताया कि खरीद की रफ्तार बढ़ी है। किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सत्यापन के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों से बात हुई है।
डीएम की मौजूदगी में टकरसन में क्राॅप कटिंग : जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने शुक्रवार को सदर तहसील के टकरसन गांव में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने क्रॉप कटिंग कराकर उत्पादकता का आकलन कर सीसीई एग्री एप पर अपलोड कराया । उपस्थित किसानों से क्रय केंद्र पर ही गेहूं बेचने की अपील की।
डीएम की मौजूदगी में किसान भीम सिंह के खेत में 43.33 वर्ग मीटर क्षेत्र पर क्रॉप कटिंग कराया गया, जिसमें तौल कराने पर उत्पादन 14230 किलोग्राम पाया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के लिए क्रॉप कटिंग आंकड़ों का अत्यधिक महत्व होता है। इस अवसर पर अपर सांख्यिकी अधिकारी सोभनाथ व नायब तहसीलदार प्रदीप यादव सहित अन्य राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहें। संवाद