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जुड़वा बच्चों की मौत : प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित

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बैरिया। रानीगंज स्थित निजी क्लिनिक में नवजात जुड़वा बच्चों की मौत, बिना पंजीकरण क्लिनिक के संचालन मामले में जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद ने टीम गठित कर दी है। टीम से तत्काल सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इससे अवैध रूप से अस्पतालों का संचालन करने वालों में हड़कंप मचा है। रानीगंज बाजार में बाहर स्कूल का बोर्ड लगाकर अंदर मेडिकल और पीछे निजी क्लीनिक संचालन किया जा रहा है। इस निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान जुड़वा बच्चों की मौत हो गई थी। इसकी तहरीर संबंधित थानों पर दी गई थी। प्रकरण के अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली और सीएमओ ने जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवां (बैरिया) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम में डा. प्रेमप्रकाश के अलावा डा. संजीत कुमार, बीसीएम और बीसीपीएम को रखा गया है। डा. प्रेमप्रकाश ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी जाएगी। यदि प्रसव पीड़िता को आशा ने उक्त नर्सिंग होम में पहुंचाया है तो उसकी सेवा समाप्त की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की कृपा से क्षेत्र में दर्जनों अवैध नर्सिंग होम एवं अस्पताल तथा जांच केंद्र संचालित है। यहां मरीजों का जमकर शोषण होता है। लापरवाही से उन्हें अपनी जान भी गंवानी पड़ती है।
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निजी क्लिनिक में जुड़वा बच्चों की मौत, क्लीनिक की वैधता और आशा बहू द्वारा प्रसूता को नर्सिंग होम ले जाने की प्रकरण में जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। अगर जांच में उक्त नर्सिंग होम अथवा क्लिनिक गलत मिला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। - डा. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ बलिया
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