सहरसपाली में सड़क हादसे में बालक की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के सहरसपाली ढाले पर मंगलवार की सुबह डीसीएम की जद में आने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे आनन-फानन में जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। जिसकी वाराणसी जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने एचएच-31 स्थित सहरसपाली ढाले पर शव को सड़क पर रख जाम कर दिया। जिससे वाहनों की दोनों तरफ लंबी कतार लग गई। घंटे भर बाद पहुंचे सदर एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे द्वारा मुआवजा देने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। तत्पश्चात पुलिस शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सहोदरा निवासी मुन्ना माली के दो पुत्र जसवीर (14) एवं यशवंत प्रतिदिन की भांति साइकिल से ट्यूशन पढ़ने भृगु आश्रम बलिया जा रहे थे। जैसे ही सहरसपाली ढाले पर पहुंचे कि बैरिया की तरफ से तेजगति से आ रही डीसीएम ने जसवीर को पीछे से टक्कर मार दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। जिसकी वाराणसी ले जाते समय मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर वापस हो गए। घर आने के बाद परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सहरसपाली ढाले पर दोवहर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे।
एक घंटे बाद वहां पहुंचे सदर एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने 25 हजार की आर्थिक सहायता देने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम को समाप्त किया। तब जाकर कहीं आवागमन सामान्य हो सका।