गंगा की उफनाती लहरों में कटकर नदी में विलीन होता दूबेछपरा रिंगबंधा।
गंगा की उफनाती लहरों ने शनिवार को दूबे छपरा रिंग बंधा का आधा हिस्सा बह गया। दूबे छपरा गोपालपुर, उदय छपरा के पीड़ितों का आरोप रहा कि कई बार शासन-प्रशासन से लेकर बाढ़ विभाग तक गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। जिसके चलते अभी पानी के फैलाव से ही दूबे छपरा रिंग बंधा, हरिजन बस्ती के समीप आधा कटकर गंगा नदी में विलीन हो गया। गंगा ने श्रीनगर निवासी करिया सिंह, शिववचन सिंह, भानू सिंह, केदार सिंह, चौबे छपरा निवासी जय प्रकाश मिश्र के घरौंदे को समाहित कर लिया।
वर्ष 2014-15 में बाढ़ विभाग ने दूबे छपरा रिंग बंधा पुन:रक्षित परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर करीब तीन किमी की दूरी में बंधे को बनाया। लेकिन विभाग ने बड़ी चूक करते हुए जहां मिट्टी भरा, उसी के नजदीक करीब सौ फीट गहराई तक मिट्टी खोदकर मिट्टी का रिंग बंधा बना दिया। ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया। आज आलम यह है कि बंधा व नदी के बीच मात्र सौ मीटर का फासला है। लेकिन पानी फैल जाने के कारण रिंग बंधा हरिजन बस्ती के सामने आधा हिस्सा कट गया। उसके बाद से करीब 25 हजार की आबादी में हाय तौबा मच गई। पीएन इंटर कालेज दूबे छपरा, पीजी कालेज दूबे छपरा, बालिका विद्यालय दूबे छपरा के कर्मचारी फाइलों को सुरक्षित ठौर देने में जुट गए। उधर, मीडियम फ्लड लेवल पार करने के साथ ही सैकड़ों किसानों के हजारों एकड़ खड़ी फसल जलमग्न हो गई।