बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला जैसे-जैसे अपने पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, वैसे वैसे लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। रविवार को मेला हाउसफुल रहा। परिवार संग हर कोई मेले में पहुंच कर मेले का आनंद उठाता नजर आया। साथ ही सामान की खरीदारी की गई। इससे मेले में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही।
छुट्टी का दिन होने के कारण दुकानें भी सुबह 9 बजे तक सज गई थीं। लोगों का आना भी जल्द ही शुरू हो गया। पुलिस भी काफी सतर्क दिखी। मेला प्रभारी नंद कुमार तिवारी अपने हमराहियों के साथ पूरे दिन चक्रमण करते रहे। मेले में सुबह ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बस, ट्रेन समेत अन्य साधनों से मुख्यालय पहुंच गए। मेले में सुबह से उमड़ी भीड़ एक छोर से दूसरे छोर लोग मेला का आनंद लेने के बाद जलेबी समेत अन्य आइटमों का पूरा आनंद लिए।
ददरी मेला में आई महिलाओं ने रविवार को श्रृंगार व घरेलू सामान की खरीदारी की। गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों ने शाल, कंबल, चादर आदि खरीदा। मेल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए दुकानदार भी अतिरिक्त खेप मंगा लिए थे। रविवार के कारण बच्चों की संख्या मेले में अपेक्षाकृत अधिक दिखी, जिससे वहां मस्ती का आलम अधिक रहा। झूला, चर्खी, मौत का कुआं, ड्रैगन ट्रेन का लुत्फ लेने के लिए लोगों को कतार में खड़ा होकर टिकट लेना पड़ा। मेले में गृहस्थी के सामानों की खूब बिक्री हुई।
मेले में खादी के कपड़े भी लोगों को खूब लुभा रहे हैं। इसके अलावा हस्तशिल्प के सामान भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। खादी के वस्त्र के साथ ही चार, मुरब्बा समेत च्यवनप्राश आदि की भी खूब बिक्री हुई।
मेले में अत्यधिक भीड़ होने के कारण कईयों का साथ छूट गया। इनमें अधिकांश गरीब परिवार के ही बच्चे थे। पुलिस के प्रयास से वे सभी अपने माता-पिता व परिजन से मिला दिए गए। यह दौर पूरे दिन चलता रहा।