रतसर। ब्राह्मण स्वयं सेवक संघ बलिया की जिला कार्यसमिति की बैठक शनिवार को जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र के मसहां स्थित आवास पर हुई। इसमें प्रशासन की ओर से ददरी मेला को स्थगित किए जाने पर रोष जताया गया। वर्तमान परिवेश में ब्राह्मण समाज के साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार और संगठन के विस्तार एवं ददरी मेला को जिला प्रशासन द्वारा स्थगित किए जाने के निर्णय की आलोचना की गई।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया पर चल रही है। इसका जिला प्रशासन द्वारा पूर्णत: पालन किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण जिला प्रशासन द्वारा ददरी मेला को स्थगित किया जाना है। कहा कि बिहार में चुनाव कराने से कोरोना नहीं फैला जबकि ददरी मेला से बढ़ सकता है, यह जिला प्रशासन के तानाशाही रवैया का प्रतीक है। संघ ने इसकी घोर निंदा करते हुए प्रदेश सरकार से मांग की कि जिले के गौरवशाली परंपरा को बनाए रखते हुए महर्षि भृगु के परम शिष्य महर्षि दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले ददरी मेला को स्थगित न किया जाए। बताया कि 30 नवंबर को संगठन के जनपदीय कार्यकारिणी के एक वर्ष पूरा होने पर मनियर में भगवान परशुराम के मंदिर पर पूजन एवं हवन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार से ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की जाएगी। इस मौके पर जिला प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय, करुणेश पांडेय, संजय पाण्डेय, दयाशंकर तिवारी, गोपाल पांडेय, धनेश पांडेय, पिंटू उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, सरोज दुबे, मनीष दुबे, राघवेन्द्र मिश्र, सुधीर चौबे आदि रहे। अध्यक्षता अरुण कुमार ओझा व संचालन अरुण दुबे ने किया।