मनियर क्षेत्र के बड़सरी जागीर निवासी मनोज सिंह ने शुक्रवार को पत्नी और बेटे की हत्या कर दी थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है। क्षेत्र में डबल मर्डर होने से सभी लोग अभी भी सहमे हैं।
बड़सरी जागीर निवासी मनोज सिंह की शादी रोहुआ निवासी नीलम सिंह से 1993 में हुई थी। दो पुत्र के जन्म के बाद पति-पत्नी के दांपत्य बंधन में खटास आने लगा। 2010 में मनोज सिंह ने कोर्ट में पत्नी से तलाक का वाद दाखिल किया था। इसमें पत्नी पर बार-बार नोटिस भेजवाना व पत्नी द्वारा लौटा देने की बात गजट भी करा दिया गया था।
मुकदमे का फैसला भी नजदीक था। वही पत्नी नीलम सिंह को एसडीएम बांसडीह तथा थाने की मदद से गुजारा भत्ता 25 किलो गेहूं, 15 किलो चावल, तीन लीटर मिट्टी का तेल तथा अन्य खर्च के लिए 2200 रुपये प्रतिमाह पति द्वारा देय था। पारिवारिक कलह दिन-प्रतिदिन उलझ जा रहा था।
जानकारों की मानें तो मनोज सिंह एक निजी महाविद्यालय में शिक्षक था। इसके एवज में उसे छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलता था। इसमें पत्नी को गुजारा भत्ता देने के बाद छोटे बच्चे रोहित की पढ़ाई तथा अपना खर्च भी वहन करना था। सूत्र की मानें तो पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे को नाजायज संबंध की दृष्टि से सशंकित रहते थे।
शुक्रवार की दोपहर में भी विवाद हुआ। उसके बाद मनोज सिंह ने प्लानिंग के तहत रात को जमकर शराब पी और अपना भोजन बनाने के लिए घर में बैठ गया और पत्नी और बड़े पुत्र राहुल की गतिविधि पर नजर डाले रहा। इस दौरान पत्नी नीलम सिंह ने राहुल से कहा कि छत पर बिस्तर लगा है। सोने चले जाओ, पुत्र अपने कान में इयरफोन लगाकर गाना सुन रहा था। तब तक आरोपी ने पत्नी नीलम को गोली मार दी। आवाज सुनकर पुत्र दौड़कर आया तो दीवार की आड़ लेकर पुत्र को भी गोली मार दी।