लोहिया आवास, इंदिरा आवास, शौचालय आदि योजनाओं में धन का बंदरबांट करने के बाद भ्रष्टाचारियों ने खाद-बीज को भी नहीं बख्शा। अब सहकारी समितियों के नौ लाख पांच हजार 825 रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में अपर जिला सहकारी अधिकारी राजबहादुर यादव ने सहकारी समिति के सचिव सुरेंद्र कुमार यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
हनुमानगंज ब्लॉक के सहकारी समिति जीराबस्ती, सहकारी समिति बसंतपुर और सहकारी समिति नवीन सागरपाली के इंचार्ज सुरेंद्र कुमार यादव हैं। इन पर शासन से सहकारी समिति में आने वाले खाद-बीज किसानों में बिक्री करने की जिम्मेदारी थी। सुरेंद्र ने सहकारी समिति का खाद-बीज किसानों में बिक्री भी कर दी।
लेकिन बिक्री के कुल 15 लाख पांच हजार 825 रुपये 53 पैसे की धनराशि में अब तक केवल तीन ही लाख रुपये सुरेंद्र ने जमा किए। शेष बचे 12 लाख पांच हजार 825 रुपये 53 पैसे का हिसाब सुरेंद्र ने नहीं दिया। इस पर अपर जिला सहकारी अधिकारी राजबहादुर यादव ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने तीनों समिति के गोदामों को खुलवाकर जीराबस्ती सहकारी समिति से यूरिया 450, जिंक 15 पैकेट, यूरिया 425 बोरी, यूरिया फास्फेट 36 केजी बरामद किया।
जबकि बसंतपुर में यूरिया 88 बोरी, 150 बोरी फास्फेट, वहीं नवीन सागरपाली में खाली बोरी 500, चांद छाप यूरिया 20 से 50 केजी बरामद करने के साथ ही तीनों समितियों से अनेकों अन्य सामान बरामद किया। जिसका मूल्य कुल तीन लाख रुपये निकला। लेकिन अभी भी विभाग को नौ लाख पांच हजार 825 रुपये 53 पैसे का कोई हिसाब नहीं मिला। जिस पर अपर जिला सहकारी अधिकारी राजबहादुर यादव ने जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जिला सहकारी अधिकारी राजबहादुर ने सुखपुरा थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।