सुखपुरा के धरहरा गांव में गुरुवार की सुबह केरोसिन वितरण के दौरान हुई मारपीट में कोटेदार समेत नौ लोग घायल हो गए। इनमें एक को गंभीर हाल में वाराणसी रेफर किया गया है। विवाद अधिक तेल मांगने के मुद्दे पर हुआ।
इसके बाद गांव के मनबढ़ युवकों ने कोटेदार के घर में घुसकर परिवार के लोगों पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर धरहरा के पास चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने जब मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
धरहरा गांव निवासी अवध किशोर गुप्ता (44) सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान चलाते हैं। गुरुवार की सुबह वह केरोसिन का वितरण कर रहे थे। गांव के दिलराम चौधरी और सियाराम भी तेल लेने पहुंचे थे। दोनों ने अवध किशोर से 10-10 लीटर तेल मांगा, लेकिन उन्होंने केवल पांच लीटर तेल देने को कहा।
इसी बात पर दोनों युवक आगबबूला हो गए। वे गैलन वहीं छोड़कर कोटेदार को देख लेने की धमकी देकर चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कुछ देर बाद ही गांव के कई मनबढ़ युवक कोटेदार के घर पहुंच गए। उन्होंने परिवार के सदस्यों को लाठी-डंडों से मारकर घायल कर दिया।
घायलों में कोटेदार अबध किशोर, उनकी पत्नी मालादेवी (42), बिंदा देवी (48), सुरेंद्र गुप्ता (35), रामदयाल गुप्ता (18), जयपाल गुप्ता (16), चंदन गुप्ता (22), उषा (18), पार्वती गुप्ता (30) घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने रामदयाल की स्थिति गंभीर देख उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, मगर इसके पहले ही मनबढ़ फरार हो गए।
मारपीट से नाराज ग्रामीणों ने बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर धरहरा गांव के पास चक्काजाम कर दिया। सीओ सिटी केसी सिंह, सुखपुरा एसओ सुरेश सिंह तथा हनुमानगंज चौकी प्रभारी रामदिनेश तिवारी उन्हें समझाते रहे, लेकिन वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब जाकर जाम समाप्त हुआ।