दहेज हत्या के जुर्म में पति, सास और ससुर को कोर्ट ने आजीवन कारावास तथा दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अमरपाल सिंह की अदालत में हुई।
अभियोजन के अनुसार गड़वार थानाज क्षेत्र के सिंहाचवर निवासी वादी मुकदमा रवींद्र प्रसाद ने बांसडीहरोड थाने में 20 मई 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरी बहन किरण की शादी 23 अप्रैल 2011 को बासंडीहरोड थाना क्षेत्र के दिउली गांव निवासी हरिकिसुन गुप्त के लड़के उमेश गुप्त के साथ हुई थी।
शादी के बाद से पति सहित सास मालती देवी, ससुर हरिकिशुन गुप्त, जेठानी माया देवी, ननद नीतू, रीतू और गीता दहेज के लिए अक्सर ताना मारने के साथ प्रताड़ित करते थे। इसकी सूचना मेरी बहन ने मोबाइल फोन से हम लोगों को दी थी। मैंने उसके ससुराल वालों का काफी समझाया-बुझाया। लेकिन वे अपनी आदत से बाज न आकर 18 मई 2012 को शाम पांच बजे सभी लोगों ने मिलकर मेरी बहन की हत्या कर दिए।
इस मामले की रिपोर्ट बांसडीहरोड थाने में दर्ज होने के बाद विवेचक के आरोपपत्र प्रेषित करने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति उमेश, सास मालती देवी, ससुर हरिकिशुन के विरुद्ध दोष साबित पाकर उन्हें आजीवन कारावास व दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता भरत तिवारी तथा बचाव पक्ष से अरविंद सिंह ने पैरवी की।