बलिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग की सदस्य डा. स्वराज विद्वान ने कहा कि अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के लोगों पर उत्पीड़न के मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र के दो मामलों में मुआवजा की पहली किस्त के रूप में 4 लाख 12 हजार 500 रुपये दे दिया गया है। वे शनिवार को लोक निर्माण विभाग के डाकबंगले में पत्रकारों से रुबरु थीं।
उन्होंने बताया कि जनपद के आला अफसरों के साथ ही पुलिस महकमे के अधिकारियों को बुलाकर स्थिति को जाननेेेे का प्रयास किया है। कई मामलों में उन्हे आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया है। अभी भी लोगों को अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों को मुआवजे की जानकारी नहीं होने के कारण इनके साथ वास्तव में न्याय नहीं हो पाता है। जिससे पीड़ित व्यक्ति तथा परिवार के लोग भटकने के लिए विवश होते है। एससी/एसटी के लोगों को जागरुक करने के लिए प्रचार-प्रसार गोष्ठी और सेमिनार की आवश्यकता है। किसी व्यक्ति पर उत्पीड़न की दशा में सहायता राशि देने का प्रावधान है हत्या हो जाती है तो 8.25 लाख देने के साथ उसके आश्रित को तीन महीने तक नि:शुल्क खाद्यान्न का दिए जाने आदि की व्यवस्था है। जो पीड़ित परिवारों को देकर सहारा दिया जाता है। साथी उस परिवार में छोटा बच्चा होने की दशा में नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था इस एक्ट में है। पत्नी या मां को हर महीने 5000 पेंशन लेने के साथ जरूरी होने पर सरकारी नौकरी भी देने का प्रावधान है। हत्या जिस व्यक्ति की हो रही है अगर उसके पास जमीन नहीं है तो जमीन या आवास भी देने का व्यवस्था है। उन्होंने दोनो हत्या के मामले में एसपी से जानकारी ली। साथ ही जिले में हो रहे अपराध पर रोक लगाने को कहा।