बलिया। करीब एक सप्ताह पहले नरहीं थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में छापेमारी कर पकड़े गए 133 बोरी सरकारी अनाज की कालाबाजारी के मामले में दो लोगों पर ईसी एक्ट का मुकदमा होगा। इसके लिए जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक दुर्गा नंद यादव ने नरहीं पुलिस को तहरीर दे दी है।
बताया जाता है कि 24 जून को ग्रामीणों ने एसडीएम सदर निखिल टीकाराम फुंडे को बताया कि बसंतपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास एक मकान में सरकारी अनाज को कालाबाजारी के लिए रखा गया है। सूचना के आधार पर एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक सोहांव तथा पूर्ति लिपिक नरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ मकान पर पहुंचकर छापा डाला। मकान के हिस्से में जहां अनाज रखा था उसमें ताला बंद होने पर एसडीएम ने मकान मालिक रामप्रवेश सिंह से खोलने को कहा तो उन्होंने चाभी नहीं होने की बात कही। इसके बाद एसडीएम ने नरही पुलिस को बुलवाकर ताले को तोड़वाया तो उसमें 81 बोरी गेहं कुल वजन 40.50 कुंतल तथा 52 बोरी चावल कुल वजन 26 कुंतल सरकारी अनाज मिला। मकान मालिक ने अधिकारियों को बताया कि वह गोदाम को सेन्दुरिया निवासी चंदन वर्मा को दुकान चलाने के लिए किराए पर दिया है। जांच में अधिकारियों ने माना कि पकड़ा गया अनाज सार्वजनिक वितरण का है। अधिकारियों ने मौके पर ही पकड़े गए अनाज को बसंतपुर की कोटेदार चम्पा देवी की सुपुर्दगी में दे दिया और मुकदमा दर्ज कराने के लिए डीएम की अनुमति मांगी। डीएम ने इस मामले में मकान मालिक रामप्रवेश सिंह तथा सेन्दुरिया निवासी चंदन वर्मा के खिलाफ ईसी एक्ट की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराने को कहा। डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक ने सोमवार को नरहीं पुलिस को तहरीर दी।