बलिया। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र में स्थित पेट्रोल टंकी के समीप एक ट्रक की चपेट में आने से एक तीन वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों द्वारा देरी से देखने पर वहां मौजूद लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। पुलिस के पहुंचते ही अस्पताल की घंटी बजाई गई। घंटी बजते ही अस्पताल के कुछ डाक्टर एवं कर्मचारी पहुंच गए। लेकिन लोग चिकित्सकों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने पर अड़े रहे।
कोतवाल शशिमौली पांडेय की तत्परता से बच्चे को रक्त देकर वाराणसी एंबुलेंस से भेजा गया। उसके बावजूद भी छात्र नेता व बांसडीह के पूर्व चेयरमैन सुनील सिंह बब्लू व लोग सीएमएस चेंबर में बैठे कर दोषी चिकित्सक एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस सीएमएस डॉ. एस प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के कसबा निवासी जितेन्द्र गोड़ का तीन वर्षीय पुत्र शिवम मंगलवार की दोपहर दो बजे के करीबबांसडीह-मनियर मार्ग स्थित पेट्रोल टंकी के समीप सड़क पार कर रहा था। इसी बीच बांसडीह से मनियर के तरफ जा रहा ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देख वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। मासूम बच्चे को चिकित्सकों द्वारा वाराणसी रेफर करने की जानकारी जैसे ही उसके पिता जितेंद्र गोंड को हुई तो वह रोने लगा। इसके बाद वहां मौजूद छात्र तथा शहर कोतवाल शशिमौलि पांडेय ने खुद चंदा देकर उसे एंबुलेंस से वाराणसी भेजा।
सीएमएस डॉ. एस प्रसाद का कहना है कि मामले में शिकायत मिली है। इस संदर्भ में एक डाक्टर और दो चिकित्साकर्मी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।