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चोरी के केबल और दस पेंड्रॉल क्लिप के साथ एक गिरफ्तार

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नवानगर। सिकंदरपुर थाना के बसारिकपुर दियारा में बुधवार को एसडीएम व सीओ ने छापेमारी कर वध को ले जाए जा रहे करीब 100 पशुओं को बरामद किया था। बताया जाता है कि दियारा में यह अड्डा पुलिस के संरक्षण में ही चल रहा था और इसके एवज में थाने को मोटा चढ़ावा मिलता था। इतना ही नहीं इसका विरोध करने वालों को पशु तस्कर मारते-पीटते थे और पुलिस भी उन्हें प्रताड़ित करती थी। इस अड्डे पर छापेमारी का प्लान 20 दिनों पहले ही एसडीएम ने बनाया था जब एक किसान अपनी गाय खोजते हुए वहां पहुंचा और तस्करों ने उसे धमकी दी। तस्करों की सूचना पर पहुंचे थाने के दो सिपाहियों ने भी किसान को धमकाया था। हालांकि किसान भारी पड़ा और अपनी गाय लेकर गांव आया। इतना ही नहीं छह माह पहले एक पुलिसकर्मी की मौत के पीछे भी पशु तस्करों की कारस्तानी लोग मानते हैं। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी थाना चुप रहा।
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बताया जाता है कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के गौरा मदनपुरा निवासी खड़क बहादुर यादव की गाय करीब 20 दिनों पहले उनके दरवाजे से चोरी हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बाद पता चला कि बसारिकपुर दियारा में उनकी गाय एक स्थान पर बंधी हुई है। लेकिन यह भी जानकारी मिली थी कि यह कारोबार करने वाले काफी मनबढ़ किस्म के हैं और पुलिस भी संरक्षण देती है। इसको देखते हुए खड़क गांव के कई लोगों के साथ दियारा में पहुंचा जहां गाय को देखकर पहचान लिया और उसको लेने के लिए ज्यों ही पास पहुंचा कि पशु तस्करों ने विरोध शुरु कर दिया और खड़क के साथ मारपीट करने लगे। हालांकि यहां खड़क व उसके साथी भारी पड़े और पशु तस्करों को भागना पड़ा। इसी बीच पशु तस्करों की सूचना पर दो पुलिस वाले पहुंचे और उन्होंने भी खड़क को धमकाया। इसके बाद खड़क ने चेताया भी था कि इस धंधा को बंद कराने के लिए जो करना पड़ेगा करेंगे और पूरे स्थान व पशु तस्करों का भी वीडियो बना लिया। गाय को लेकर लौटने के बाद खड़क व उसके साथी एसडीएम से मिले और पूरी कहानी बताई। यह भी बताया कि पशु तस्कर लग्जरी वाहनों से हथियार लेकर चलते हैं और थाने को हर माह लाखों रुपये चढ़ावा देते हैं। इसके बाद से एसडीएम छापेमारी का ताना बाना बुनने लगे। थाने की मिलीभगत की जानकारी सीओ को भी नहीं थी क्योंकि उनकी तैनाती कुछ दिनों पहले ही हुई है। बुधवार कि सुबह एसडीएम सिकंदरपुर अभय कुमार सिंह थाना को बिना जानकारी दिए केवल सीओ सिकंदरपुर अशोक कुमार मिश्र को अपने साथ लेकर बसारिकपुर दियारा में पहुंच गए। एसडीएम की गाड़ी को देख चार पिकअप पर लदे मवेशियों को लेकर चालक एसडीएम की गाड़ी में टक्कर मारते हुए भागने लगे। हालांकि एसडीएम के चालक की सूझबूझ से बहुत बड़ी घटना होने से बच गई। लेकिन संयोग रहा कि मवेशी से लदी पिकअप रेत में फंस गई और चालक व पशु तस्कर वाहन छोड़कर भाग निकले। बताया जाता है कि इस कारोबार का मास्टर माइंड सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के रक्सा व सहुलाई गांव के हैं। थाने के हर पुलिसकर्मी इन तस्करों को पहचानते हैं। बताया तो यह भी जाता है कि यह तस्कर कई बार विरोध करने वाले पुलिसकर्मियों को भी निशाने पर ले चुुके हैं। बीते जनवरी माह में दो पुलिसकर्मी प्रभाकर यादव और सुशील यादव दरौली घाट पीपा पुल से ड्यूटी कर लौट रहे थे कि स्कार्पियो सवारों ने टक्कर मार दी। इस हादसे में सुशील की मौत हो गई थी, इसे लोगों ने पशु तस्करों की कारस्तानी माना लेकिन थाना पुलिस ने इससे पल्ला झाड़ लिया।
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12 नामजद व सात अज्ञात पर केस, एक गिरफ्तार
नवानगर। बसारिखपुर दियारा में छापेमारी के बाद इस मामले में सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज कालीशंकर तिवारी की तहरीर पर सिकंदरपुर थाने में 12 नामजद व सात अज्ञात खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बाबत सीओ अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है और कार्रवाई चल रही है।
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