फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साथ उठीं दंपती की अर्थी: सिसक रही थी तीन साल की मासूम, पिता बोले- ऐसा दिन किसी को न दिखाए; टूट गया परिवार

Thu, 07 May 2026 10:11 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: बलिया जिले में बीते बुधवार को एक सड़क हादसे में दंपती की जान चली गई थी। पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो परिवार के साथ पड़ोसियों की भी आंखें नम हो गईं। उनकी तीन साल की मासूम बेटी अपने माता-पिता की लाश को एक टक देख रही थी।
विज्ञापन
नीतू व धनंजय कन्नौजिया की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP Accident: बलिया में उभांव थाना के अवाया गांव के करीब बुधवार को ऑटो रिक्शा, कार एवं बाइक की टक्कर में एएनएम नीतू कन्नौजिया व पति धनंजय कन्नौजिया की मौत के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद घर पर शव पहुंचा तो गांव में मातम छा गया। परिजनों के रोने बिलखने की आवाज से गांव का हर कोई मर्माहत हो गया। परिजनों व नाते रिश्तेदारों की करूण क्रंदन देख सांत्वना देने वालों की आंखे नम हो गई। घर से एक साथ पति-पत्नी की अर्थी उठी थी।

विज्ञापन


बूढ़े माता-पिता अमीरचंद और लीलावती देवी अपने जिगर के टुकड़ों को खोने का दर्द सह नहीं सके। उनकी चीख-पुकार ने माहौल को और भी गमगीन कर दिया। छोटे भाई पवन किसी तरह परिजनों को संभालते नजर आए, लेकिन घर का हर कोना इस असहनीय दर्द से कराह उठा। सबसे ज्यादा मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब तीन साल की मासूम नव्या अपने मां-बाप को अंतिम बार देख बिलख उठी। 

उसकी मासूम सिसकियां वहां मौजूद हर शख्स के दिल को चीर गईं। इनकी कोई संतान नहीं थी, अपने साढू की बेटी को गोद लिए लिया था। शाम को पति-पत्नी की अर्थी एक साथ घर से निकली, तो सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन। नगर के जनप्रतिनिधि, व्यापारी और आमजन बड़ी संख्या में शवयात्रा में शामिल हुए और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सरयू किनारे दोनों का अंतिम संस्कार किया गया, जहां माहौल पूरी तरह शोक में डूबा रहा।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

नीतू व धनंजय के मकान के बाहर भीड़। - फोटो : संवाद
बांसडीह से बेहतर जीवन के तलाश में बेल्थरारोड बस गए
मृतक धनंजय के पिता अमीरचंद मूल रूप से बांसडीह के निवासी थे और करीब चार दशक पहले बेहतर जीवन की तलाश में बेल्थरारोड आकर बस गए थे। एक प्राइवेट शिक्षक के रूप में उन्होंने अपने परिवार को संवारने में पूरी जिंदगी लगा दी, लेकिन एक ही झटके में बड़े बेटे और बहू को खो देने से उनका पूरा सहारा छिन गया। 

यह भी पढ़ें: बेकाबू बोलेरो की टक्कर से दो सगे भाइयों की मौत, पांच साल का मासूम घायल; परिवार में पसरा मातम

बुधवार को बेल्थरारोड-नगरा मार्ग पर अवाया गांव के पास बाइक सवार बचाने के दौरान कार पोल से टकरा गई, उसके बाद ई-रिक्शा टकरा गया, इस घटना में 10 लोग घायल हो गए थे। नीतू देवी नगरा ब्लॉक क्षेत्र में एएनएम पद पर तैनात थी। पति के साथ बाइक से ड्यूटी से घर लौट रही थीं, तभी हादसा हो गया। शवयात्रा में परिजनों के अलावा नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि दिनेश गुप्ता, सभासद राममनोहर गांधी, अमित जायसवाल, व्यापारी नेता प्रशांत कुमार मंटू, धर्मेंद्र सोनी, पप्पू जायसवाल, डाॅ. शुभनाथ प्रसाद समेत बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें