रेवती: जगद्गुरु ने गौ हत्या रोकने और गौ सेवा के लिए शपथ भी दिलाई। इसके पूर्व संतोष तिवारी, आचार्य ओमप्रकाश तिवारी, कमला प्रसाद मिश्र, राम प्रवेश तिवारी, महावीर तिवारी, दीपक तिवारी, कौशल कुंवर आदि ने फूल मालाओं तथा अंग वस्त्र से स्वागत किया।
प्रथम शहीद मंगल पाण्डेय ने भी गौ हत्या के प्रति उठाई थी आवाज
स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक शहीद मंगल पांडे की जन्मस्थली नगवां में आदिगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्मारक परिसर में पहुंचकर मंगल पांडेय की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित का याद किया। कहा कि शहीद मंगल पांडेय भी गौ हत्या के विरुद्ध अपनी आवाज उठाए थे। उन्होंने गाय की चर्बी लगी कारतूस को चलाने से इनकार कर दिया था।
मंगल पांडेय सच्चे देश भक्त थे। स्मारक समिति के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, विजय शंकर तिवारी, सुनील पाठक, हरे राम पाठक, हरिशंकर पाठक, राजेश पाठक, गिरधर पाठक आदि लोग मौजूद थे। समाजवादी युवजन सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में जनेश्वर मिश्र एप्रोच मार्ग पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत किया गया।
बांसडीह में आरती उतारकर किया गया भव्य स्वागत
स्वामी अविमुक्तेश्वर सरस्वती की गोविष्ट यात्रा बुधवार को देर रात्रि लगभग साढ़े नौ बजे बांसडीह के सप्तऋषि चौराहे पर पहुंची। शंकराचार्य के पहुंचते ही पूरा क्षेत्र जयघोष और धार्मिक नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पमाला पहनाकर और आरती उतारकर उनका भव्य स्वागत किया।
यात्रा के साथ संत-महात्माओं और अनुयायियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। उन्होंने कहा कि गोविष्ट यात्रा का उद्देश्य धर्म और संस्कृति के प्रति जनजागरण करना है। स्वागत कार्यक्रम में उपेंद्र ओझा, भुनेश्वर पाण्डेय, राकेश मिश्रा, अनिल कुमार पाण्डेय, विद्या शंकर तिवारी, दिलीप पांडेय आदि मौजूद थे।
साधु-संतों ने किया भव्य स्वागत
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद की गोविष्टी यात्रा क्षेत्र के मुरारपट्टी मठिया पर बृहस्पतिवार को दर्जनों साधु संतों के साथ पहुंची। जहां क्षेत्र के जुटे लोगों ने उनका स्वागत किया और जयकारा लगाया। शंकराचार्य ने जहां गो रक्षा की बातें कहीं, वहीं सरकार पर भी निशाना साधा और लोगों से सीधा संवाद भी किया। कहा कि गौ हमारी माता है। गाय के बिना पूजा तक अधूरी रह जाती है।
पूजा में गाय का घी, दूध, दही, गौ मूत्र तथा गोबर यह सभी समाग्री सदुपयोगी मानी गयी है। कहा कि सनातन धर्म के सात स्तंभ है। जिसमें पहला स्तम्भ गौ है। अगर गौ समाप्त होंगीं तो सनातन धर्म का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। इस मौके पर जय नरायन तिवारी, पुरुषोतम तिवारी, मिथिलेश दुबे, सुजीत दुबे, गोल्डेन ओझा, गुप्तेश्वर तिवारी, उपेन्द्र पाठक, धर्मवीर उपाध्याय, गुप्तेवश्वर पाठक आदि शामिल रहे।