बलिया। जनपद के जिला महिला अस्पताल में इन दिनों प्रसूताओं को पोषणयुक्त भोजन देने के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। यहां प्रसूताओं को अंडा, दूध, ब्रेड, मक्खन मिलना तो दूर भोजन के लिए भी तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में अधिकांश प्रसूताओं के परिजन बाजार एवं घर से भोजन लाते थे।
जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव होने के बाद 48 घंटे तक प्रसूताओं को नाश्ता और प्रतिदिन भोजन देने का प्रावधान है। इसके लिए विभाग द्वारा सुबह-शाम का मेन्यू भी तय है। लेकिन, ठेकेदार और विभागीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से योजना लापरवाही को भेंट चढ़ चुकी है। मेन्यू के मुताबिक सुबह चाय, ब्रेड और आधा लीटर दूध और शाम को चाय, ब्रेड और दो अंडे या मौसमी फल देने हैं। वहीं दोपहर की बात करें तो दाल, चावल, सब्जी, सलाद और रात को सब्जी-रोटी या पराठा सब्जी देना है। लेकिन जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नहीं है। जिसके चलते मरीजों के सहयोगियों को बाजार या घर से नाश्ता लाना पड़ा है। टकरसन निवासी मरीज सोनी गुप्ता ने बताया कि कुछ दिनों से वह अस्पताल में भर्ती है, लेकिन प्रसव होने के कुछ देर बाद जिम्मेदारों द्वारा केवल भोजन में दाल चावल सब्जी दी गई, जबकि नाश्ता न मिलने पर बाजार से चाय-ब्रेड मंगवाया। वहीं, राजागांव खरौनी की तमसुन निशा का कहना है कि कभी कभी तो भोजन की किल्लत से जूझना पड़ता है। जबकि अस्पताल में नाश्ता का कोई अता पता नहीं। ठेकेदार द्वारा कभी नाश्ता नहीं दिया जाता है। हल्दी निवासी नंदनी का कहना है कि अस्पताल में जो भोजन मिलता है वह मानक के अनुरूप और अच्छा नहीं होता है। माल्देपुर निवासी खुशबू सिंह का कहना है कि जिला महिला अस्पताल में मिलने वाला खाना कागजों पर ही मरीजों को दिया जाता है। कभी भोजन में रोटी की कमी हो जाती है तो कभी सब्जी की। इसके अलावा मिलने वाला दूध भी मिलावटी होता है। नाश्ते का तो कहीं अता-पता ही नहीं है।
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नहीं लिखवाया टोल फ्री नंबर
अस्पताल पर सुविधा न मिलने पर कोई शिकायत न कर सकें। इसके लिए जिम्मेदारों द्वारा प्रसूति अस्पताल के दीवारों पर कही भी टोल फ्री नंबर नहीं लिखवाया गया। जबकि प्रसूताओं को किसी प्रकार की समस्या होने पर शासन द्वारा टोल फ्री नंबर जारी किया गया है।
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521 महिलाओं का हुआ प्रसव
ड्यूटी में जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक उत्तम वर्मा नेबताया कि प्रसूता जिला महिला अस्पताल 100 बेड का है। 21अक्तूबर से 20 नवंबर तक 521महिलाओं का प्रसव हो चुका है।
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अस्पताल पर पहुंचने वाली प्रसूताओं के लिए नाश्ता और पोषणयुक्त भोजन का इंतजाम विभाग द्वारा कराया गया है। वैसे मानक के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सीएमओ और एनएचएम प्रमुख की है। अगर जिम्मेदारों द्वारा इसे देने में गड़बड़ी की जा रही है तो तत्काल मामले की जांच कर समस्याओं का समाधान करा लिया जाएगा।
- डॉ.सुमिता सिन्हा, सीएमएस
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