वहीं रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के चंद्रभान निवासी कांग्रेस नेता परशुराम भारती की पुत्री डॉ. ओमलता एलएलबी, एलएलएम और पीएचडी पढ़ाई करने के बाद अब राजनीति में भाग्य आजमाएंगी। कांग्रेस ने अनुसूचित जाति की महिला को प्रत्याशी बना दलित कार्ड खेला है।
डॉ. ओमलता ने बताया कि प्रियंका गांधी से प्रभावित होकर मैंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। कहा कि मेरी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा की व्यवस्था करनी होगी। बंद पड़ी चीनी और कताई मिल को चलाया जाएगा। 26 वर्षीय सोनम बिंद को बैरिया विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया गया है।
अभी तक राजनीतिक दलों की ओर से घोषित प्रत्याशियों में सोनम बिंद सबसे युवा हैं। पिछड़ी जाति से आने वाली सोनम बिंद बांसडीह विधासभा की रहने वाली हैं। स्नातक के बाद उन्होंने स्टाफ नर्स और कंप्यूटर कोर्स भी किया है। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं।
कांग्रेस द्वारा रविवार को जिले के बैरिया विधान सभा से सोनम बिन्द, सिकन्दरपुर से बृजेश सिंह गाट और रसड़ा से डॉ. ओमलता का टिकट जारी किया गया। टिकट की घोषणा होते ही जिले में विरोध के स्वर भी सुनाई देने लगे है। आरोप है कि जिसे बैरिया से जिन्हें टिकट मिला वो बांसडीह से आवेदनकर्ता थी और वहीं की निवासी भी हैं। उनका बैरिया से कोई वास्ता भी नहीं रहा है।
बैरिया से कांग्रेस के रूपेश चौबे, विनोद सिंह, सीबी मिश्रा, एचएन चंदेल, पीयूष मिश्रा आवेदनकर्ता थे, लेकिन पार्टी आलाकमान ने सबको दरकिनार कर सोनम को प्रत्याशी उतार दिया है। रविवार को ज्यों ही कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी हुई सोशल मीडिया पर रूपेश चौबे समर्थकों की ओर से बैरिया विधानसभा में सोनम बिंद को टिकट देने का विरोध किया जाने लगा।
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