बलिया। होली पर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। रंग गुलाल के साथ मिठाइयों का भी करोड़ों का कारोबार हुआ। कपड़ों के साथ खाने-पीने के सामानों की भी खूब बिक्री हुई। बाजार के जानकारों के अनुसार जिले में करीब एक करोड़ का रंग-गुलाल की बिक्री होने का अनुमान है।
कोरोना काल में व्यापारियों के लिए होली जैसा त्योहार भी दगा दे गया था। इस बार होली के कई दिन पहले बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई थी। खाने-पीने के सामान के साथ कपड़े, जूता चप्पल, मिठाइयां, मावा, रंग-गुलाल, पिचकारियां आदि की खूब बिक्री हुई। होली पर शराब की दुकानें बंद रहीं, लेकिन इससे पहले तीन दिनों तक शराब की दुकानों पर लाइनें लगी रहीं। अनुमान है कि होली से एक दिन पहले जिले में आठ करोड़ से ज्यादा की शराब की बिक्री हुई। मिठाइयों और मावा के साथ मेवे की बात करें तो करीब चार करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। कारोबारियों संजीव कुमार श्रीवास्तव बच्चा जी, आकाश पटेल बिट्टू और राहुल कुमार गुप्ता ऊर्फ अशोक जी का कहना है कि करीब एक करोड़ का रंग, अबीर गुलाल बिक गया। अब बाजार में कई दिनों तक ग्राहक कम पहुंचेंगे। जिले में किराना का कारोबार भी पांच से छह करोड़ का होने का अनुमान है। होली के बाद अब बाजारों में सन्नाटा है। रविवार को होली के बाद काफी दुकानें तो बंद रहीं। खासकर कपड़ा, किराना, जूता चप्पलों की दुकानें नहीं खुलीं।
बलिया। होली से पहले रोडवेज बसों में सवारियों की भरमार रही। वहीं, रविवार को रोडवेज बस स्टैंड पर सन्नाटा नजर आया। दरअसल, होली से एक दिन पहले तक बड़ी संख्या में दूसरे जिलों और राज्यों में काम करने वाले लोगों की घरों को वापसी हुई थी। एआरएम राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार से लोगों की वापसी होगी।
बैरिया। होली में घर आए परदेसियों को वापस लौटने को लेकर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं फिर भी मुंबई, दिल्ली, सूरत जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी नहीं है। वहीं, तत्काल टिकट पाने वालों को भी असफलता हाथ लग रही है। क्योंकि एक दो टिकट निकलने के बाद तत्काल टिकट भी फुल हो जा रहे हैं। नौकरी पेशा के लिए बड़ी संख्या में यहां के लोग बाहर रहते हैं। होली में अधिकांश लोग अपने-अपने घर परदेश से त्योहार मनाने के लिए आए हैं। उन्हें अब वापस लौटने में उतनी ही मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जितनी मुश्किल से वहां से होली मनाने के लिए अपने-अपने परिवार के बीच आए हुए थे। ऐसे में छपरा बलिया रेल खंड पर अधिकांश गाड़ियां निरस्त है। अथवा डायवर्ट होकर दूसरे रूट से चल रही है।