उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक धन दिए जाने के प्रधानमंत्री मोदी के दावे को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह बात गलत है कि उत्तर प्रदेश को दूसरे राज्यों के मुकाबले अधिक धन दिया गया है। कहा कि मैं न तो मजदूर नंबर वन हूं और न ही मजदूर नंबर दस। किस नंबर पर हूं यह राज्य सरकार के विकास कार्यों को देखते हुए अब जनता तय करेगी। मुख्यमंत्री सोमवार को बसंतपुर शहीद स्मारक में विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास करने के मौके पर पत्रकारों से रूबरू थे।
बता दें कि रविवार को जनपद आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश को ज्यादा धन दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा था कि मैं मजदूर नंबर वन हूं। इसी को लेकर जब मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को अधिक धन देने के प्रधानमंत्री के दावे में सच्चाई नहीं है। सपा सरकार के विकास कार्य सबके सामने हैं। जनता चाहे जो नंबर हमें दे।
कहा कि सपा सरकार ने आजमगढ़, जौनपुर और अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज, प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया, गांव-गांव बिजली पहुंचाई। कहा कि कें द्र सरकार की उज्ज्वला योजना छलावा है। योजना वही अच्छी मानी जाती है, जिसका सीधा लाभ जनता को मिलता है। इस योजना का पात्रों को सीधा लाभ मिलता नहीं दिखाई दे रहा है। गैस सिलेंडर मिलने के बाद महिलाएं गैस भराने कहां जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार समाजवादी पेंशन देगी।
उसी के पैसे से सिलेंडर में गैस भराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार तथा भाजपा पर खूब तंज कसे। कहा कि भाजपा सरकार खोखले वादे करती है, जबकि हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। इसका उदाहरण पिछले चार सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्य हैं। अब समय आने पर जनता खुद ही गलत लोगों को जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे किसानों की किस्मत बदल देगा। एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की जो जमीन ली जाएगी, उसका बाजार से चार गुना अधिक धन दिया जाएगा। बताया कि सरकार इस एक्सप्रेस-वे के किनारे आम मंडी, अनार मंडी, सब्जी मंडी, आलू मंडी, प्याज मंडी, दूध मंडी आदि की स्थापना करेगी।
कहा कि इन मंडियों में किसान सीधे अपना सामान लाकर बेचेंगे और बाजार का सीधा फायदा उनको होगा। कहा कि सड़कें अच्छी होने से दूरियां कम हो जाती हैं। बलिया में सड़क पर सबसे अधिक धन सपा सरकार ने खर्च किया है। अब लखनऊ-आगरा और दिल्ली की दूरी कम होगी। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को आगे बढ़ाते हुए गाजीपुर तथा बलिया को जोड़ा जाएगा, जो भविष्य में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नाम से जाना जाएगा।