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गड़बड़ी व लापरवाही में 12 क्रय केंद्र किए गए बंद, किसानों की बढ़ीं मुश्किलें

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बलिया। जिले में एनसीसीएफ की ओर से संचालित 12 धान क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। क्रय केंद्रों के बंद होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वह धान बेचने के लिए परेशान हैं। विपणन विभाग की माने तो संस्था की ओर से धान खरीदारी में लापरवाही के कारण इसे बंद किया गया है। धान खरीद के लिए जिले में विभिन्न संस्थाओं के कुल 75 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें एनसीसीएफ के भी 12 केंद्र थे।
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किसानों को उपज का माकूल दाम दिलाने के लिए सरकार की ओर से क्रय केंद्र खोले जाते हैं लेकिन यह व्यवस्था अधिकारियों की उदासीनता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। अधिकारियों के निरीक्षण में भी इसका सच उजागर हो चुका है। शासन की ओर से इस वर्ष 15 अक्तूबर से ही धान खरीद शुरू करने का निर्देश दिया गया है। लिहाजा क्रय केंद्र तो खोले गए लेकिन किसानों से धान खरीद को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। क्रय केंद्रों के निर्धारण में भी खूब मनमानी की गई है। आलम यह है कि कहीं तथ्य छिपाकर क्रय केंद्र आवंटित कराए गए हैं तो कहीं ऐसे इलाके में भी क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां आसपास के गांवों में धान की खेती नाममात्र की होती है। बताया जाता है कि एक सप्ताह पहले एनसीसीएफ विभिन्न ब्लॉकों में स्थापित क्रय केंद्रों को अचानक बंद कर दिया गया। जबकि कई केंद्रों पर किसानों ने धान भी बेचा था। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि धान खरीद और किसानों के भुगतान में लापरवाही मिलने पर इन केंद्रों को बंद किया गया है और किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। एनसीसीएफ के सोहांव ब्लॉक में तीन क्रय केंद्र थे। इस क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं।
जिलाधिकारी की सख्ती के बाद भी धान क्रय केंद्र प्रभारी कर रहे मनमानी
मनियर। किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा न हो, किसान अपना धान आसानी से बेच सके। इसके लिए सरकार भले ही प्रयास कर रही हो लेकिन धान क्रय केंद्र संचालक अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे। क्रय केंद्र संचालकों की मिलीभगत से बिचौलिए की चांदी कट रही है। विपणन गोदाम जिगनी मनियर को छोड़कर सभी क्रय केंद्रों पर तौल बंद पड़े हुए हैं। एक क्रय केंद्र जिगनी खुलने के कारण किसानों व अधिकारियों में मारपीट की नौबत हो जाती है।
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क्रय केंद्रों पर नहीं हो रही खरीद
रसड़ा। क्षेत्र के कई धान क्रय केंद्रों पर खरीदारी न किए जाने से किसानों को धान बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद, माधोपुर चीनी मिल के समीप स्थापित धान क्रय केंद्र नहीं खुल सका है। वहीं, कोप एवं मुड़ेरा स्थित धान क्रय केंद्रों पर एक दो दिन की खरीदारी के बाद से ही धान क्रय केंद्रों पर खरीद को बंद कर दिया गया है। किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद धान न बेच पाने के कारण परेशान हैं।
खरीद और भुगतान में लापरवाही पाए जाने के कारण एनसीसीएफ के 12 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। इन स्थानों पर नया केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही केंद्र खुल जाएंगे। लापरवाही बरतने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया
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