बलिया। नए वित्तीय वर्ष में मनरेगा से कैच द रेन योजना को गति देने का काम किया जाएगा। इस वर्ष भी 50 नए तालाबों का निर्माण व 2.40 करोड़ की लागत से 120 तालाबों का जीर्णोद्धार करने की योजना है। नए तालाबों के निर्माण पर प्रति तालाब करीब 5 लाख की लागत आएगी। हालांकि अभी प्रस्ताव को अंतिम रुप दिया जाना है।
दिनों दिन गिरते जलस्तर को देखते हुए शासन की ओर से कैच द रेन योजना की शुरुआत की गई है। शासन की ओर से यह भी निर्देश है कि मनरेगा के अधिकांश पैसे को इस योजना पर खर्च किया जाए। योजना के तहत बारिश के अधिक से अधिक पानी का संचयन करना है, ताकि गिरते भू जलस्तर को सुधारा जा सके। इस अभियान के तहत लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ जल संचयन के लिए नए तालाबों का निर्माण व पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करने पर जोर देने का भी निर्देश है। इसके तहत जिले में वर्ष 2021-22 में कुल 210 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। हालांकि इस वर्ष हुई लगातार बारिश के कारण शुरुआती समय में कार्य काफी प्रभावित हुआ। अब नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है और कैच द रेन योजना को लेकर तैयारियां भी शुरू होने लगी है। वर्ष 2022-23 में जल संचयन को लेकर 50 नए तालाब का निर्माण व 120 पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करने की योजना है। हालांकि अभी प्रस्ताव को अंतिम रुप दिया जाना है।
जिले में कुल 5840 तालाब हैं। इसमें सबसे अधिक रसड़ा तहसील क्षेत्र के गांवों में है। बताया जाता है कि अधिकांश तालाबों की स्थिति ठीक नहीं है। तालाबों के किनारे अतिक्रमण के कारण इनका दायरा भी घट गया है।
जल संचयन को लेकर कैच द रेन योजना के तहत इस वर्ष भी नए तालाब बनाने और पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार पर जोर रहेगा। ग्राम पंचायतों से तालाबों की स्थिति व जीर्णोद्धार के बाबत कार्ययोजना मांगी गई है। - हरिश्चंद्र प्रजापति, उपायुक्त, श्रम एवं रोजगार, मनरेगा, बलिया