कोतवाली क्षेत्र के सिलहटा गांव के समीप रविवार की देर शाम कार की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को रसड़ा-कासिमाबाद मार्ग स्थित सिधागर घाट पुल के पास शव को रखकर सड़क जाम कर दिया। उनकी शिकायत थी कि घटना के बाद तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया।
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के सिलहटा गांव निवासी गोवर्धन राजभर एक जनवरी रविवार को कार की टक्कर से घायल हो गया था। आसपास के लोगों के सहयोग से घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। इलाज के दौरान घायल युवक की मौत सोमवार को जिला अस्पताल में हो गई। इससे पहले घटना के बाद मामले में तहरीर मिलने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं था।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं करने को लेकर ग्रामीणों ने रसड़ा-कासिमाबाद मार्ग स्थित सिधागर घाट पुल के पास सुबह सात बजे सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे रसड़ा एसडीएम सुशील लाल श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
लेकिन ग्रामीण मानने की जगह और उग्र हो गए और कोतवाल के साथ पुलिसकर्मियों के विरुद्घ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि घटना के बाद कोतवाल और दीवान की मिलीभगत से मामले में तहरीर के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जब तक कोतवाल और दीवान की बर्खास्तगी नहीं होती सड़क जाम नहीं हटेगा।
घटना की जानकारी एसडीएम ने नवागत पुलिस अधीक्षक राम प्रताप सिंह को दी। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से रसड़ा कोतवाली दीवान अवधेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। करीब चार घंटे बाद एसपी के इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।