नरही। सिकंदरपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के विरोध में उपद्रव करने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उपद्रव के दौरान पीएसी के जवान रामकृपाल सिंह पर हमला करने व एनएच-31 जाम करने में पुलिस ने 10 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है।
वहीं, ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज होेने पर सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कहने का हक सभी को है, पुलिस को परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। दो युवकों की मौत हुई है। उनकी मंशा न्याय पाने को लेकर थी न कि जानबूझकर सड़क जाम करने की। पीड़ित परिवार के प्रति पुलिस को उदार होना चाहिए। सपा सांसद ने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जगह ग्रामीणों पर मुकदमा को तानाशाही बताया।
उधर, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र नाथ की तहरीर पर पुलिस ने उपद्रवियों में पंकज यादव, भीम पासवान, पहलवान चौधरी, राजा अंसारी, घूरा अंसारी, बिहारी चौधरी, सुनील यादव, जितेन्द्र चौधरी, मुकेश चौधरी, अशोक चौधरी, किशन रस्तोगी, सीत कुमार निवासीगण सरायंकोटा, मुन्ना निवासी नारायनपुर पर नामजद व 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है।
उपद्रवियों के हमले से पीएसी के जवान रामकृपाल सिंह निवासी ग्राम कुर्था, जिला गाजीपुर घायल हो गए थे। उपनिरीक्षक ने दी तहरीर में कहा कि एक जनवरी को प्रशांत गुप्ता व गोलू वर्मा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों पर कार्रवाई के बहाने अन्य नाजायज मांगों को मनवाने हेतु एनएच-31 को अवरुद्ध कर दिया था। इस बाबत थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला व सड़क जाम करने वाले पर केस दर्ज कर उनकी खोजबीन चल रही है। संवाद