बलिया। छात्रों और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को महाविद्यालयों के छात्र और किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से छात्रों को मोबाइल और टैबलेट का वितरण नहीं किया गया है। दूसरी ओर, महाविद्यालयों की ओर से हर वर्ष शुल्क बढ़ाया जा रहा है, जबकि छात्रवृत्ति की धनराशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी करने की मांग की।
पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश यादव मोती ने कहा कि जब बड़े पूंजीपतियों का अरबों रुपये का कर्ज माफ किया जा सकता है तो किसानों और छात्रों का कर्ज भी माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बाढ़ और चक्रवात के कारण किसान बर्बाद हो चुके हैं और कर्ज के बोझ तले दबे हैं। किसानों के पाल्य भी कर्ज लेकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार को किसानों और छात्रों का कर्ज तत्काल माफ करना चाहिए।
सतीश चंद्र कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष राहुल कुमार मिश्रा ने कहा कि दूसरे प्रदेशों में 200 से 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को भी 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की घोषणा करनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों और छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो नौ अक्तूबर को बलिया बंद और छात्र कर्फ्यू किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र नेता अविनाश सिंह नंदन तथा संचालन छात्र नेता आदित्य सिंह योगी ने किया।
इस दौरान नितेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष राहुल यादव, अमित दुबे, विशाल पाठक, हैप्पी सिंह, राकेश मोहन यादव, रितेश पांडेय, आकाश सिंह, विपुल सिंह, तेज प्रताप सिंह, रागिनी पांडेय,प्रफुल्ल सिंह सहित हजारों छात्र और किसान मौजूद रहे।