बलिया। लॉकडाउन के कारण मंदी झेल चुके आभूषण कारोबारी वर्तमान प्रतिकूल परिस्थिति में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। कोरोना से बचाव के लिए सराफा व्यापारी हरसंभव सतर्कता बरत रहे हैं। सराफा की छोटी-बड़ी सभी दुकानों के प्रवेश द्वार पर ही आने वालों की बाकायदा थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और उन्हें सैनिटाइज भी कराया जाता रहा है, ताकि ग्राहक और दुकानदार दोनों कोरोना से बचे रहें।
सराफा कारोबारी नकदी लेते वक्त भी नोटों पर सैनिटाइजर का स्प्रे कर रहे हैं। आभूषण कारोबारी दुकान में ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए यही एकमात्र रास्ता है। हालांकि जिलाधिकारी द्वारा रोस्टर समाप्त करने और रविवार को छोड़कर सप्ताह के 30 दिनों में सभी दुकानें खोलने की अनुमति देने से आभूषण कारोबारी उत्साहित हैं।
-लॉकडाउन ने कारोबार की कमर तोड़कर रख दी है। ऊपर से सोने के बढ़ते भाव ने ग्राहकों के पांव में बेडि़यां डाल रखी हैं। जिससे करीब 70 ़फीसदी व्यवसाय प्रभावित हुआ है।-सुनील सोनी
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लॉडाउन के कारण ठप हुए वैवाहिक कार्यक्रमों ने आभूषण व्यवसाय को काफी क्षति पहुंचाई है। इसकी भरपाई अगले सीजन में ही संभव हो सकेगी। आभूषण का मुख्य कारोबार लगन के दिनों में ही होता था, लेकिन इस बार तिथियां कैंसिल होने या स्थगित होने से इस पर प्रतिकूल असर पड़ा है।- राहुल सर्राफ
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पहले रोस्टर के तहत सप्ताह में तीन दिन और अब छह दिन दुकान खोलने के जिलाधिकारी के आदेश से काफी राहत मिली है। हालांकि लॉकडाउन के चलते हुई क्षति की पूर्ति कठिन है, लेकिन इससे कुछ राहत अवश्य मिल रही है।-रितेश सोनी
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इस वर्ष बड़े पैमाने पर व्यावसायिक हित प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं कारोबार भी तकरीबन एक वर्ष पिछड़ गया है जिसकी भरपाई जल्द संभव नहीं होगी।-बब्लू सर्राफ