शहर से होकर गुजरने वाले एनएच-31 की पटरियों पर अवैध कब्जा कर नगरवासियों को जाम में झोकनें वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बुधवार को भी जिला प्रशासन का बुल्डोजर गरजा। इससे जहां अतिक्रमणकारियों में दहशत का माहौल रहा, वहीं चित्तू पांडेय चौराहे से लेकर बहेरी तक लोग अपना सामान इधर-उधर हाटाते नजर आएं। नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार के नेतृत्व में दिन में करीब 12 बजे शुरु हुआ अतिक्रमणरोधी अभियान चित्तू पांडेय चौराहा से आरंभ हुआ। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने हो-हल्ला कर अभियान को रोकने और बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के सख्त तेवर के आगे किसी की एक नहीं चलीं और पहले दायें और फिर बायें पटरी पर बारी-बारी से बुल्डोजर गरजा। इस दौरान अवैध रुप से सड़क की पटरियों पर निर्माण करने वाले दो दुकानदारों से नगर पालिका ने बीस हजार रुपये का जुर्मािना भी वसूला।
बता दें कि सोमवार को जिले में अधिकारियों संग बैठक करने आ रहे मंडलायुक्त आजमगढ़ विजय विश्वास पंत और डीआईजी अखिलेश कुमार चंद्रशेखर नगर के आस पास जाम में फंस गए थे। इस वजह से दोनो अधिकारी बैठक में विलंब से शामिल हुए थे। हालांकि इसके पूर्व दोनों अधिकारियों के जाम में फंसे की सूचना वायरलेस सेट पर पास आऊट होने लगी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे टीएसआई विश्वदीप ने वाहनों का जाम समाप्त कर दोनों अधिकारियों को वहां से निकाला था। इस घटना के बाद ही प्रशासन सड़क की पटरियों को अवैध रुप से कब्जा करने वाले के खिलाफ कारवाई का मूड बना लिया था और मंगलवार को जिलाधिकारी आईवी सिंह के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट सड़क पर उतर गए थे। टीम में नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा, प्रमोद सिंह, सनी कुमार, इमरान, राघव मिश्रा, अर्जेश मिश्रा, सनी कुमार, अभिनव कुमार के अलावा सफाई कर्मी रणजीत कुमार, सफाईकर्मी नेता पिंटू रावत आदि रहे।