इस पर तहसीलदार प्रवीण सिंह के नेतृत्व में गई राजस्व व पुलिस की टीम ने 27 अप्रैल को अतिक्रमण व नवनिर्माण को हटवा दिया। वहीं, विधायक केतकी सिंह का कहना है कि उदहां गांव में श्रीभगवान वर्मा के पूर्वजों ने जानकारी में उक्त जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं। उनकी मड़ई टूट गई थी। इसे वो बनवा रहे थे।
प्रशासन की ओर से उन्हें परेशान किया जा रहा था। वो अपना छप्पर लगा रहे थे। कुछ अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंच गए और आशियाने पर चला दिया। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि किसी गरीब के आशियाने और रोजी रोटी पर बुलडोजर जांच का परिणाम आने तक नहीं चला सकते हैं। इसके बाद भाजपाइयों ने विधायक के नेतृत्व में टीम को गांव में ही घेर लिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें विधायक केतकी सिंह के सामने बीजेपी कार्यकर्ता भी लेखपाल, तहसीलदार को धमका रहे हैं। वायरल वीडियो में तहसीलदार के सामने ही तहसील जलाने तक की बात कही गई है। इस संबंध में तहसीलदार प्रवीण सिंह ने बताया कि अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद ही कुछ बताया जाएगा।
इस वीडियो को ट्वीट कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा कि 'विकास कार्यों के नाम पर जिस बेहिसाब दर पर सत्ता से जुड़े लोगों को करोड़ों का मुआवजा दिया जा रहा है, वही दर आम आदमी को भी दी जाए व उनको भी जिनके जायज निर्माण पर केवल विद्वेषवश बुलडोजर चलाया गया है। भाजपाइयों को लाभ पहुंचाने में मुआवजा भ्रष्टाचार का नया तरीका बन गया है।