बसपा नेताओं द्वारा भाजपा से निष्कासित प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा सहित आम लोगों में काफी आक्रोश दिखा। इसको लेकर शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से जुलूस निकाल कर सीएम और राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि मुख्य राजस्व अधिकारी बी राम को सौंपा। इस दौरान भाजपाजनों ने मायावती मुर्दाबाद, दयाशंकर जिंदाबाद, बेटी के सम्मान में, बीजेपी मैदान में सहित अन्य नारे लगाए।
उन्होंने बसपा सुप्रीमो समेत अन्य बसपा नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी ने कहा कि बसपा के नेताओं द्वारा भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की मां, पत्नी, बहन एवं पुत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की गई। इससे पूर्व उपाध्यक्ष की बेटी सदमे में है। जबकि दयाशंकर सिंह की गलत टिप्पणी पर पार्टी नेतृत्व ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया ओर पार्टी से भी निकाल दिया गया। साथ ही राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने भी माफी मांगी। यहां तक की उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज किया गया और पुलिस गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही थी। बावजूद बसपा सुप्रीमो मायावती एवं उनके पूर्व मंत्रियों ने राज्यसभा में दयाशंकर के वृद्ध मां, बहन, पत्नी और नाबालिग बेटी पर अभद्र टिप्पणी की, इसे किसी भी सूरत में भाजपा बर्दास्त नहीं करेगी। कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर आज सांकेतिक धरना है।
चेताया कि अगर बसपा नेताओं की गिरफ्तारी एवं उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो भाजपा अगली रणनीति तय कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दूबे ने कहा कि अगर बसपा अपने नेताओं पर कार्रवाई तत्काल नहीं की तो भाजपा बहन-बेटियों के सम्मान की लड़ाई लडने के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर सलेमपुर सांसद रविंद्र कुशवाहा, पूर्व विधायक विक्रमा सिंह, केतकी सिंह, पूर्व विधायक मंजू सिंह, पूर्व जिशलाध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय सिंह, भाजयुमो अध्यक्ष अरूण सिंह बंटू, कैलास बिहारी सिंह, मायाशंकर, लक्ष्मण सिंह, संजीव कुमार डम्पू, संजय मिश्रा, कामेश्वर तिवारी, प्रदीप सिंह, संतोष सिंह समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।